February 7, 2026

छत्तीसगढ़ पहुंचे अमित शाह : 3 दिन रहेंगे केंद्रीय गृह मंत्री, राजधानी में आज हाईलेवल मीटिंग, पंडुम महोत्सव में भी पहुंचेंगे

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रायपुर। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह रायपुर एयरपोर्ट पहुंच गए हैं। उनके स्वागत के लिए प्रदेश के कई मंत्री, विधायक और सांसद पहुंचे। अमित शाह आज यानी 7 फरवरी से छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर रहेंगे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब राज्य में नक्सलवाद के खात्मे को लेकर केंद्र सरकार की तय समयसीमा अब बेहद करीब है।

31 मार्च 2026 की डेडलाइन नजदीक
केंद्रीय गृह मंत्री ने पहले घोषणा की थी कि 31 मार्च 2026 तक बस्तर सहित नक्सल प्रभावित इलाकों को नक्सलमुक्त किया जाएगा। अब इस समयसीमा में करीब 52 दिन ही शेष हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान नक्सल विरोधी अभियान की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ और अन्य नक्सल प्रभावित राज्यों में ऑपरेशन तेज किए गए हैं। बड़ी संख्या में नक्सलियों के सरेंडर और गिरफ्तारी की खबरें भी सामने आई हैं।

रायपुर में होगी उच्च स्तरीय बैठक
रायपुर में प्रस्तावित बैठक में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में जमीनी हालात, सुरक्षा रणनीति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा होगी। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद बस्तर और अन्य प्रभावित इलाकों में अभियान और तेज किए जा सकते हैं। इसे तय समयसीमा से पहले की एक अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है।

बस्तर पंडुम के समापन में भी होंगे शामिल
अमित शाह अपने दौरे के दौरान बस्तर में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। हाल ही में वे 28 से 30 नवंबर के बीच नवा रायपुर स्थित आईआईएम रायपुर परिसर में आयोजित 60वें डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन में शामिल हुए थे।

“बस्तर होगा नक्सलमुक्त”
जगदलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा था कि 31 मार्च से पहले बस्तर नक्सलमुक्त होगा। उन्होंने आरोप लगाया था कि नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर रखा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी और बड़ी संख्या में नक्सलियों के आत्मसमर्पण जैसे कदम उठाए गए हैं।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से तैयारियों में जुटी हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम चरण की रणनीति तय करने के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर जमीनी हालात पर दिख सकता है।

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