February 7, 2026

मैं ज़िंदा हूं फिर भी एसआईआर में मार दिया, गले में तख्ती टांग कांग्रेस भवन पहुंचे मतदाता, कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाए आरोप

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब गले में “मैं जीवित हूं” की तख्ती टांगे दर्जनों मतदाता कांग्रेस प्रदेश कार्यालय राजीव भवन पहुंचे. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि रायपुर जिले की अभनपुर विधानसभा सीट में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान सुनियोजित षड्यंत्र के तहत 914 जीवित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं.

914 नाम कटे, 719 को मृत बताया गया
कांग्रेस का दावा है कि जिन 914 मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उनमें से 719 लोगों को रिकॉर्ड में मृत दर्शाया गया. हैरानी की बात यह है कि इन्हीं में से कई मतदाता आज स्वयं कांग्रेस कार्यालय पहुंचे और मीडिया के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. इन मतदाताओं में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल रहीं, जो वर्षों से उसी गांव और वार्ड में निवास कर रहे हैं.

कांग्रेस ने बताया इसे राजनीतिक साजिश
कांग्रेस ने इस पूरी कार्रवाई को प्रशासनिक गलती मानने से इनकार करते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी द्वारा रची गई सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया. पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को चिन्हित कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने की प्रक्रिया जानबूझकर अपनाई गई, ताकि उन्हें मतदान से वंचित किया जा सके.

पत्रकार वार्ता में बोले पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू ने राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि यह मामला लोकतंत्र की जड़ों पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर प्रदेश में मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने की साजिश सामने आ रही है, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है.

एसआईआर प्रक्रिया को बनाया गया जटिल और उलझाऊ
धनेन्द्र साहू ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया को जानबूझकर इतना जटिल, तकनीकी और उलझाऊ बनाया गया है कि आम नागरिक, विशेषकर गरीब, अल्पसंख्यक, ग्रामीण, बुजुर्ग और कमजोर वर्ग के लोग इसे समझ ही नहीं पा रहे हैं. इसका सीधा फायदा उठाकर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं.

अभनपुर विधानसभा बना साजिश का केंद्र
कांग्रेस के अनुसार अभनपुर विधानसभा क्षेत्र में इस साजिश का सबसे स्पष्ट उदाहरण सामने आया है. पार्टी की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि 914 ऐसे मतदाता, जो जीवित हैं और वर्षों से उसी गांव व वार्ड में निवासरत हैं, उनके नाम झूठी शिकायतों के आधार पर मतदाता सूची से विलोपित किए गए हैं.

भाजपा कार्यकर्ताओं पर BLO को प्रभावित करने का आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों द्वारा बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) पर दबाव बनाया गया और उनसे यह रिपोर्ट तैयार करवाई गई कि संबंधित मतदाता गांव में नहीं रहते या बाहर चले गए हैं. जबकि वास्तविकता यह है कि वे सभी आज भी अपने-अपने गांव और वार्ड में निवास कर रहे हैं.

अल्पसंख्यक और गरीब वर्ग के मतदाता बने निशाना
कांग्रेस का कहना है कि सूची से हटाए गए अधिकांश मतदाता अल्पसंख्यक, गरीब और पिछड़े वर्ग से हैं, जो लगातार कांग्रेस के पक्ष में मतदान करते आए हैं. पार्टी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने की यह प्रक्रिया वोट बैंक को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है.

पूरे प्रदेश में फैल सकती है यही साजिश
कांग्रेस ने आशंका जताई कि यह मामला केवल अभनपुर विधानसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में इसी तरह का पैटर्न अपनाकर मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हो सकते हैं. फर्जी आपत्तियां, झूठे हस्ताक्षर और गलत रिपोर्ट के जरिए मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर की जा रही है.

चुनाव आयोग से शिकायत, FIR की मांग
इस मामले को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. पार्टी ने मांग की है कि झूठी शिकायत करने वाले भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, बीएलए-1 और बीएलए-2 तथा दबाव में रिपोर्ट बनाने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए.

कटे नाम तत्काल बहाल करने की मांग
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि मतदाता सूची से हटाए गए सभी जीवित और निवासरत मतदाताओं के नाम तत्काल प्रभाव से बहाल किए जाएं, ताकि कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न हो.

“मताधिकार लोकतंत्र की आत्मा है”
अंत में कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची से अकारण नाम काटना लोकतंत्र की हत्या के समान है. पार्टी ने चेतावनी दी कि वह इस साजिश को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगी और सड़क से लेकर सदन तथा प्रशासन से लेकर निर्वाचन आयोग तक हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी.

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