धमतरी में लेडी गैंग गिरफ्तार, 17 लाख का गांजा ट्रॉली बैग से बरामद
धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक बार फिर गांजा तस्करों पर बड़ा एक्शन देखने को मिला है. इस बार दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर आरोप है कि ये यात्री बस के माध्यम से मादक पदार्थ गांजा को अलग-अलग बैगों में पैक कर ले जा रही थीं. मुखबिर की सूचना पर बोराई पुलिस ने महिलाओं के कब्जे से 35 किलो 783 ग्राम गांजा जब्त किया गया है. गांजे की कीमत 17 लाख 89 हजार 150 रुपये बताई जा रही है. फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर आरोपियों को जेल भेज दिया है.
गांजा तस्करी करने वाला लेडी गैंग
धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने खुलासा करते हुए बताया, जिले के अंतर्राज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की सतत निगरानी एवं सघन चेकिंग की जा रही है. इसी क्रम में थाना बोराई क्षेत्र अंतर्गत चेक पोस्ट बोराई में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. 4 फरवरी 2026 की रात लगभग 12.30 बजे वाहन चेकिंग के दौरान यात्री बस “नरेश” क्रमांक CG-07-E-4433, जो कोरापुट (ओडिशा) से रायपुर (छत्तीसगढ़) जा रही थी, जिसे रोककर चेक किया गया. बस में लोवर बर्थ नंबर 23 एवं 24 में बैठी दो महिलाएं संदिग्ध अवस्था में पाई गईं, जिनके पास तीन ट्रॉली बैग रखे हुए थे.
संदेह होने पर दोनों महिलाओं को बस से उतारकर गवाहों की उपस्थिति में उनके ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई. तलाशी के दौरान तीन सूटकेस में कुल 8 बंडलों में रखा मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ. पकड़े गए गांजे की कीमत 17 लाख से ज्यादा है.
ट्रॉली बैग में भरकर गांजे की हो रही थी तस्करी
बरामद गांजे का कुल वजन 35 किलो 783 ग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 17 लाख 89 हजार रुपये है. जिसे विधिवत जब्त किया गया और दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना बोराई में धारा 20(B), 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की गई है. आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है.
ओडिशा से लगती है धमतरी की सीमा
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद ये भी पता लगाया जा रहा है कि ये लोग गांजा कहां से लाते थे और किसको किसको बेचते थे. धमतरी जिले में लंबे वक्त से ओडिशा से गांजा लाए जाने की खबरें सामने आते रही है. ओडिशा राज्य की सीमा धमतरी जिले से लगती है. कई जगहों पर चेकिंग नहीं होने से तस्करी का काम आसान हो जाता है. जिसका फायदा अक्सर तस्कर उठाते हैं.
