मोस्ट वांटेड वीरेन्द्र तोमर गिरफ्तार, सीक्रेट इनपुट पर बड़ा एक्शन, सूदखोरी और रंगदारी से बनाई थी अकूत दौलत
रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने आरोप में फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वीरेन्द्र तोमर की गिरफ्तारी मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हुई है। वीरेंद्र तोमर बीते पांच महीनों से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमों का गठन किया था लेकिन सफलता नहीं मिली थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे सड़क के रास्ते रायपुर लेकर आ रही है।
शुरुआती जानकारी के अनुसार, वीरेंद्र तोमर के बारे में रायपुर पुलिस को इनपुट मिला था कि वह ग्वालियर में छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया है। वीरेन्द्र तोमर की गिरफ्तार को लेकर रविवार को पुलिस कई बड़े खुलासे कर सकती है।
अब पढ़े कौन है वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर
वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर रायपुर का आदतन अपराधी है। ये अपना छोटे भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सूदखोरी का काम करता है। आरोपी किश्तों में कर्जदारों से मूलधन से ज्यादा ब्याज वसूलते और पैसे नहीं देने पर मारपीट करते है। वीरेंद्र सिंह तोमर पर पहला मामला 2006 में दर्ज हुआ था। पुलिस ने इसे आदतन अपराधियों की लिस्ट में डाला है। वीरेंद्र के ऊपर आधा दर्जन से ज्यादा अलग–अलग थानों में केस दर्ज है। इनमें मारपीट, उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट शामिल है।

अब पढ़े किस मामले में वीरेंद्र सिंह तोमर चल रहा फरार
दरअसल, करीब पांच महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई थी। FIR के बाद से पुलिस रोहित की तलाश में जुटी हुई है। रोहित के फरार होने के बाद उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी गायब हो गया। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर के घर की तलाशी ली तो उसके घर में अवैध हथियार पुलिस को मिला था। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह के ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की थी।

करीबियों के घर से पुलिस ने जब्त किया था सोना-दस्तावेज
वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर की फरारी के बाद पुलिस ने उनका पता लगाने के लिए उनके करीबियों के ठिकानों में रेड मारी थी। पुलिस ने करीबियों के घरों में छापेमारी के दौरान 40 करोड़ से अधिक की रजिस्ट्री के दस्तावेज, साढ़े तीन करोड़ का सोना और 10 लाख की चांदी जब्त की है। जांच में बैंक पासबुक, चेक और एटीएम भी मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि यह संपत्ति उन लोगों की है जिन्होंने तोमर ब्रदर्स से सूद पर पैसे लिए थे, बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए उनकी संपत्ति के दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए।
