CG : धर्मांतरण केस में विदेशी फंडिंग का संदेह, पुलिस की जांच में आरोपी के ‘अमेरिकी कनेक्शन’ का खुलासा
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिलान्तर्गत ग्राम धर्मापुर में चर्च संचालन और धर्मांतरण की गतिविधियों की जांच के दौरान बड़े खुलासे हुए हैं. जांच कर रही राजनांदगांव पुलिस के हाथ अब विदेशी फंडिंग और संदिग्ध ट्रेनिंग नेटवर्क के पुख्ता सुराग हाथ लगे हैं. आरोपी डेविड चाको से पुलिस की गहन पूछताछ में यह बात सामने आई है, कि संगठन का ताना-बाना केवल स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुना गया. पुलिस अब उन खातों की जांच कर रही है, जिनके जरिए अमेरिका से आई डॉलर की रकम को भारतीय पैसों में बदला गया.
ट्रेनिंग मॉड्यूल और ‘कोडवर्ड’ ने बढ़ाया संदेह
पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में चल रही जांच में कुछ ऐसी किताबें और प्रशिक्षण सामग्री बरामद की गई है, जिसकी शब्दावली(कोड वर्ड) संदिग्ध है. इन किताबों में इस्तेमाल विशेष शब्दों और उनके पर्यायवाची अर्थों के जरिए प्रचार के तरीके सिखाए जा रहे थे. पुलिस इन सामग्रियों के स्रोत और इसे छापने के लिए इस्तेमाल होने वाले धन की भी पड़ताल कर रही है.
‘पॉल’ और ट्रैवल वाउचर्स का रहस्य
जांच में खुलासा हुआ है कि जमीनी स्तर पर सक्रिय पदाधिकारियों को, जिन्हें ‘पॉल’ कहा जाता था, भुगतान के लिए ‘ट्रैवल वाउचर्स’ का उपयोग किया जा रहा था. ये वाउचर ऑनलाइन क्लेम होते थे या कैश, पुलिस इसकी कड़ियां जोड़ने में जुटी है. इसके साथ ही, दिसंबर महीने में छत्तीसगढ़ में आयोजित 4 दिवसीय गुप्त प्रशिक्षण शिविर भी अब पुलिस के रडार पर है, जिसमें कई संदिग्ध विषयों पर सत्र आयोजित किए गए.
अब बड़े पदाधिकारियों की बारी
पुलिस अब इस मामले में शामिल ‘जोनल कमांडर’ और ‘जोनल लीडर’ स्तर के उच्च पदाधिकारियों को विधि अनुसार नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी में है. लालबाग पुलिस और सुकुलदेहन चौकी की टीम निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाने के काम में लगी है.
जांच के बिंदु
विदेशी धन: अमेरिका से भारत लाए गए डॉलर के रूपांतरण की प्रक्रिया की जांच.
संदिग्ध सत्र: दिसंबर में हुए प्रशिक्षण शिविर के विषयों और उद्देश्यों की पड़ताल.
नेटवर्क: जिले के अन्य सक्रिय समूहों और उनके वित्तीय प्रबंधन पर नज़र.
