January 23, 2026

CG : एक ही पते पर 4 कलेक्टरों का वोटर आईडी कार्ड, पूर्व मंत्री का मतदाता सूची पर सवाल…

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कोरबा। पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनाव के लिये जारी मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाये हैं. पूर्व मंत्री ने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कहा है कि ”नगर निगम कोरबा के कोसाबाड़ी वार्ड क्र. 36 के डिंगापुर मतदान केन्द्र क्र. 04 के अनुभाग क्र. 05 के मतदाता सूची में व्यापक गड़बड़ी है. जिला निर्वाचन अधिकारी जिस बंगले में रहते हैं, उनके पते में चार ऐसे कलेक्टर (आईएएस) के नाम मतदाता के रुप में दर्ज हैं. जिनका तबादला वर्षों पहले हो चुका है”.

एक ही पते पर 4 कलेक्टरों का वोटर आईडी कार्ड: पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने मतदाता सूची का एक पन्ना भी जारी किया है. दस्तावेज के जरिए जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि ”मतदाता क्रमांक 453 में पूर्व कलेक्टर रानू साहू 454 में मोहम्मद कैसर अब्दुल हक और 455 में किरण कौशल और 548 में सौरभ कुमार का नाम अभी भी सूची में मौजूद है. सभी का निवास एक ही है. जोकि आवास क्र. सी-2 है. इसी आवास में वर्तमान में कलेक्टर अजीत वसंत रहते हैं”.

मतदाता सूची का पन्ना जयसिंह अग्रवाल ने जारी किया: पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि ”मोहम्मद कैसर हक का स्थानांतरण 6 फरवरी 2019 में हुआ, किरण कौशल का स्थानांतरण 7 जून 2021 में रानू साहू का तबादला 1 जुलाई 2022 में और सौरभ कुमार का स्थानांतरण 4 जनवरी 2024 में हो चुका है. इसी प्रकार तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर रुचि शार्दुल, अपर कलेक्टर प्रियंका महोबिया, कोषालय अधिकारी गौरीशंकर जागृति का भी नाम सूची में दर्ज है और पता सरकारी आवासों का है”.

अपने पते की त्रुटियां ही नहीं सुधरवा पाए कलेक्टर: जयसिंह अग्रवाल की ओर से बताया गया कि ”नगरीय निकाय चुनाव के दौरान कलेक्टर अजीत वसंत जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई है. वे अपने ही आवास के पते पर मतदाताओं की त्रुटि सुधार नहीं कर सके तो पूरे जिले की मतदाता सूची त्रुटिहीन होगी, ऐसा भला कैसे माना जा सकता है”.

पूर्व राजस्व मंत्री का आरोप: पूर्व मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ”डिप्टी कलेक्टर रहे बीएस मरकाम का भी नाम सूची से नहीं हटाया गया है. जबकि वर्ष 2022 में वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इसी तरह जिला खाद्य अधिकारी एच. मसीह सेवानिवृत्त हो चुके हैं. अभी भी मतदाता सूची में उनका सरकारी आवास का पता दर्ज है. अधिकारियों के साथ कुछ ऐसे परिवार भी जो कोरबा जिला छोड़कर बिलासपुर और अन्य जिलों में बस गये हैं. उनका भी नाम इस मतदान केन्द्र की सूची में अब भी यथावत है. रौनक ठाकुर और रोशनी ठाकुर समेत परिवार के चार लोग पिछले 05 सालों से बिलासपुर में रह रहे हैं. पर अब तक सूची को दुरुस्त नहीं किया गया है. यह भी संभव है कि जिन चार पूर्व कलेक्टरों का नाम भी सूची में दर्ज है, वे अपने तबादला के बाद नये पदस्थापना वाले जिलों में भी अपना नाम जुड़वा लिये हों. आशंका यह भी है कि कई दिवंगत लोग हैं, जिनका अभी भी मतदाता सूची में नाम है”.

निष्पक्ष जांच की मांग की: जयसिंह अग्रवाल ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि ”सैकड़ों ऐसे मतदाता हैं जिनका नाम दो बार दर्ज है. इस मतदाता सूची का उपयोग नगरीय निकाय चुनाव में किया गया जो जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत वसंत के नेतृत्व में ही सम्पन्न हुए हैं. यह तो केवल एक मतदान केन्द्र की त्रुटियों को उजागर किया जा रहा है, जिसमें केवल 910 मतदाता हैं. पूरे निगम के 67 वार्डों के मतदान केन्द्रों में कितनी और किस तरह की गड़बड़ी होगी. इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है. कोरबा ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के निर्वाचन सूची की जॉच राज्य निर्वाचन आयोग करें, अग्रवाल ने राज्य एवं भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखा है”. जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि ”कोरबा में भी वोट की गड़बड़ी की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता. निर्वाचन विभाग पर विश्वास कायम रहे इसके लिये पूरे जिले के मतदाता सूची की जांच निष्पक्षता से कराई जाये”.

दायर कर सकते हैं चुनाव याचिका: पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा जारी मतदाता सूची और शिकायत के संबंध में कोरबा जिले के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत वसंत ने कहा है कि ”चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद चुनाव के परिणाम से अगर कोई उम्मीदवार सहमत नहीं होते हैं. तो तय समय सीमा के भीतर सक्षम न्यायालय में चुनाव याचिका प्रस्तुत की जा सकती है”.

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