CG : ‘युद्ध विराम नहीं होगा’, डेप्युटी सीएम का साफ मैसेज, सेना के एक्शन से दो हफ्ते में 400 नक्सलियों ने किया सरेंडर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की मुहिम को बड़ी सफलता मिली। रविवार को कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र में सक्रिय 21 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। दो सप्ताह में करीब 400 नक्सलियों ने सुरक्षाबल के जवानों के सामने सरेंडर कर दिया है। सरेंडर करने वाले जवानों में कई टॉप लीडर भी शामिल हैं। हालांकि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने साफ कर दिया है कि नक्सलियों के खिलाफ कोई युद्ध विराम नहीं होगा।
रविवार को कांकेर में जिन नक्सलियों ने सरेंडर किया उनमें 13 महिलाएं और 8 पुरुष शामिल हैं। आत्मसमर्पण के बाद सभी का पुनर्वास किया गया है। सुरक्षा बलों ने उनके पास से कुल 18 हथियार बरामद किए, जिनमें तीन एके-47, दो इंसास राइफलें और चार एसएलआर प्रमुख हैं।
क्या कहा विजय शर्मा ने
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा, “21 नक्सलियों, 13 महिलाएं और 8 पुरुष, ने आत्मसमर्पण कर दिया है और उनका पुनर्वास किया गया है। कुल 18 हथियार बरामद किए गए हैं। इन लोगों ने सैकड़ों जानों को बचाने का फैसला लिया है।” उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट आएं। भाजपा सरकार नक्सलियों के पुनर्वास के लिए नई नीति लेकर आई है, जिसमें कौशल विकास और आर्थिक सहायता का प्रावधान है।
कोई युद्ध विराम नहीं होगा
विजय शर्मा ने कहा, “ये लोग हिंसा के चक्रव्यूह से बाहर निकलकर मुख्यधारा में लौटे हैं। सरकार उन्हें लाल कालीन बिछाकर स्वागत करेगी। बस्तर अब विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।” उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की सराहना की, जिनकी नीतियों से पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्त हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्सलियों से बातचीत के लिए समितियां बनीं, लेकिन हिंसा बंद करने पर ही संवाद संभव है। कोई युद्धविराम नहीं होगा।
नक्सलवाद समाप्त होगा
उपमुख्यमंत्री ने कहा, “भाजपा एकमात्र ऐसी पार्टी है जो पूरे देश के लिए व्यापक रूप से सोचती है और छत्तीसगढ़ के मुद्दों पर पूरी ताकत से काम करती है। हम नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए कटिबद्ध हैं। बस्तर में एक वर्ष के अंदर नक्सलवाद का अंत हो जाएगा।”
दो हफ्ते में 400 नक्सलियों का सरेंडर
करीब दो हफ्तों में छत्तीसगढ़ में 400 से अधिक माओवादियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं। सबसे बड़ी उपलब्धि उस समय मिली, जब माओवादी गढ़ माने जाने वाले माड़ क्षेत्र के 208 नक्सलियों ने बस्तर जिले के रिजर्व पुलिस लाइन्स में आयोजित एक कार्यक्रम में आत्मसमर्पण किया। इससे पहले, 16 अक्टूबर को 170 और 15 अक्टूबर को 27 माओवादियों ने सरेंडर किया था।
