January 22, 2026

भूपेश बघेल ने जिस प्रोजेक्ट को रोका था उसे फिर से शुरू कर रही है सरकार, 37 करोड़ में दिया टेंडर

bhupesh vishnu

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर के स्काईवॉक के निर्माण के लिए मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट को पूर्व सीएम रमन सिंह का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जाता था। भूपेश बघेल के कार्यकाल में स्कॉईवॉक के निर्माण पर रोक लगा दी गई थी। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने इसके फिर से निर्माण को मंजूरी दी है। अधूरे स्काईवॉक को बनाने के लिए सरकार ने 37 करोड़ 75 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

स्काईवॉक बनाने के लिए दो कंपनियों ने टेंडर में हिस्सा लिया था। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए रायपुर की PSA कंस्ट्रक्शन फर्म को ठेका मिला है। स्कॉईवॉक पिछले 7 सालों से अधूरा है। इसे बनाने का मकसद रायपुर में ट्रैफिक को कंट्रोल करना है। हालांकि अब इस मामले में राजनीति शुरू हो गई है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्वमंत्री राजेश मूणत कितनी भी गलत बयानी कर ले रायपुर का एक्सप्रेस-वे, स्काईवॉक भाजपा की भ्रष्टाचार की स्मारक के रूप में छत्तीसगढ़ की जनता के सामने खड़ी है। तत्कालीन भाजपा सरकार के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत द्वारा बिना किसी आवश्यकता के रायपुर शहर में एक स्काई वॉक बनाने का प्रोजेक्ट अपने रसूख का प्रयोग करके पास करवा दिया जिसका कोई औचित्य या आवश्यकता ही नहीं थी।

जनता द्वारा भी स्काई वॉक निर्माण के प्रोजेक्ट को लेकर तत्कालीन सरकार का विरोध किया गया था तथा मंत्री मूणत जी के मंसूबों को लेकर प्रश्न चिन्ह लगाया गया था। उक्त प्रोजेक्ट तत्कालीन भाजपा सरकार और लोक निर्माण विभाग के मंत्री रहे राजेश मूणत के भ्रष्टाचार के जीते जागते उदाहरण के रूप में रायपुर में मौजूद है। भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने 15 वर्ष शासन काल में जिस प्रकार से शासकीय धन का दुर्विनियोजन किया, भ्रष्टाचार किया उसका एक बहुत छोटा सा उदाहरण स्काईवॉक प्रोजेक्ट है जो दिन प्रतिदिन रायपुर की जनता को उनके साथ हुये विश्वघात, उपेक्षा और धोखाधड़ी की याद दिलाता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अधूरे स्काईवॉक पर पैसा खर्च करने के बजाय आम जनता की मांग के अनुरूप फ्लाई ओवर बनाने की दिशा में आगे बढ़े। जिसे वर्तमान एवं भविष्य में भी यातायात समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। स्काईवॉक योजना के खिलाफ शहर की जनता बुद्धिजीवी वर्ग, व्यापारी, डॉक्टर सभी वर्ग थे। आज सरकार ने अधूरे स्काईवॉक को पुनः बनाने का फैसला किया है इसके खिलाफ ही आम जनता की प्रतिक्रिया आ रही है। सरकार को स्काईवॉक को बनाने के निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए और शहर के भविष्य के मांग के अनुरूप फ्लाई ओवर बनाने पर योजना बनानी चाहिए।

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