छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान, इन जिलों को होगा सीधा फायदा, जानिए केंद्रीय बजट से प्रदेश को क्या मिला?
रायपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश कर दिया है। इस बजट में रोजगार, स्वास्थ्य, निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और घरेलू मांग के बीच संतुलन बनाने की कोशिश इस बजट की बड़ी विशेषता रही। छत्तीसगढ़ के लिहाज से यह बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान
केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के लिए माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया गया है। सरकार का दावा है कि इससे खनिज आधारित उद्योगों को मजबूती मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। छत्तीसगढ़ में पहले से ही तीन रेल कॉरिडोर पर काम चल रहा है, जो खनिज परिवहन को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं। नया माइनिंग कॉरिडोर इन परियोजनाओं को और सपोर्ट करेगा।
इस 458 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की खास बात यह है कि रायपुर–विशाखापट्टनम 6 लेन इकॉनमिक कॉरिडोर से इसे जोड़ा जाएगा। इससे दंतेवाड़ा, कांकेर और राजनांदगांव जिलों की खदानों से आयरन ओर सीधे विशाखापट्टनम बंदरगाह तक पहुंचाया जा सकेगा। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
किन जिलों को होगा सीधा फायदा
प्रारंभिक तौर पर इस माइनिंग कॉरिडोर से कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया जैसे कोयला समृद्ध जिलों को लाभ मिलेगा। कोरिया में गेवरा और कुसमुंडा जैसी दुनिया की बड़ी कोयला खदानें स्थित हैं। वहीं कांकेर, दंतेवाड़ा और राजनांदगांव आयरन ओर के बड़े भंडार वाले जिले हैं। दंतेवाड़ा में स्थित बैलाडीला की खदान पहले से ही देश की प्रमुख खदानों में गिनी जाती है।
हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल
वित्त मंत्री ने गर्ल्स एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, खासकर STEM संस्थानों में पढ़ने वाली छात्राओं को लंबे समय तक पढ़ाई और लैब वर्क जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सुरक्षित और सुविधाजनक हॉस्टल से छात्राओं को पढ़ाई में बेहतर माहौल मिलेगा।
सत्तापक्ष ने बताया ऐतिहासिक बजट
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बजट को विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक दस्तावेज बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को मजबूत करता है और छत्तीसगढ़ की जनता को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ता हुआ मजबूत कदम बताया और कहा कि इसमें दीर्घकालिक और अल्पकालिक, दोनों लक्ष्यों का स्पष्ट रोडमैप है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने कहा कि यह बजट भारत के भविष्य का और PM का विजन पूरा करने वाला बजट है, 2047 का संकल्प इस बजट में है, आर्थिक विकास बढ़ाना,सब का साथ सब का विकास लक्ष्य माइनिंग कॉरिडोर का निर्णय लिया गया।
विपक्ष ने साधा निशाना
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बजट को छत्तीसगढ़ के लिए निराशाजनक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य को ठगने का काम किया गया है और महंगाई व किसानों के मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी बजट को कमजोर बताते हुए कहा कि इसमें न तो मिडिल क्लास को राहत मिली और न ही कृषि व उद्योग के लिए ठोस प्रावधान किए गए। कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 को लेकर छत्तीसगढ़ में विकास और राजनीति, दोनों ही मोर्चों पर बहस तेज हो गई है।
