मूर्ति तोड़ी, ग्रामीणों पर हमला, पथराव में पुलिसकर्मी घायल, गरियाबंद में क्यों हुई दो पक्षों के बीच हिंसा
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में रविवार को दो पक्षों के तनाव के बाद भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। घटना फिंगेश्वर पुलिस स्टेशन के दुटकैयां गांव की है। इसके बाद दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस झड़प में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। इलाके में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। पूरे गांव में पुलिस की कड़ी निगरानी है।
क्यों हुई हिंसा
पुलिस के अनुसार, करीब एक साल पहले गांव के एक मंदिर में मूर्ति तोड़ने के मामले में आरिफ समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जमानत पर रिहा होने के बाद ये लोग ग्रामीणों को धमका रहे थे और मंदिर मामले से जुड़े गवाहों को परेशान कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह आरिफ और दो अन्य आरोपियों ने छह युवकों पर पुलिस से शिकायत करने का आरोप लगाते हुए रॉड से हमला किया जिसके बाद दो समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी।
घर में लगा दी आग
इस हमले से गुस्साए ग्रामीणों के समूह ने आरिफ और उसके साथियों के घरों को घेर लिया और उनमें आग लगा दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस अफरा-तफरी के दौरान कई घरों और गाड़ियों में आग लगा दी गई। जैसे-जैसे हालात बिगड़े, दखल देने और व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मियों पर पत्थर और ईंटें फेंकी गईं। पत्थरबाजी में कम से कम छह पुलिस अधिकारी घायल हो गए, जिनमें से कुछ को अस्पताल में इलाज की जरूरत पड़ी।
गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि आरिफ, सलीम और इमरान को फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरिफ और अन्य लोगों के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल, जिसमें अतिरिक्त टुकड़ियां भी शामिल थीं, भेजी गईं।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
सोमवार को गांव एक सुरक्षा कैंप जैसा लग रहा था, हर कोने पर पुलिसकर्मी तैनात थे। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि स्थिति अब स्थिर और नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी तरह की पुनरावृत्ति से बचने के लिए निगरानी जारी है। अधिकारियों ने निवासियों से सहयोग करने और ग्रामीण इलाके में सद्भाव बनाए रखने के लिए अफवाहें फैलाने से बचने का आग्रह किया।
