दो सालों में महतारी वंदन योजना से कट गए 2 लाख नाम, पूर्व सीएम ने पूछा- नई हितग्राही के लिए क्यों बंद है स्कीम
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने गुरुवार को राज्य सरकार पर हमला बोला। भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए सरकार की कई योजनाओं पर सवाल उठाया। भूपेश बघेल ने कहा कि महतारी वंदन योजना को शुरू किए हुए दो साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन सरकार ने दूसरी बार पोर्टल शुरू नहीं किया है। जिस कारण से नई पात्र महिलाओं को लाभ नहीं मिल रहा है।
महतारी वंदन योजना में क्यों नहीं जुड़ रहा नाम
भूपेश बघेल ने कहा कि महतारी वंदन के नाम पर महिलाओं से छल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2024 में जब योजना का पोर्टल खुला था, तब लगभग 70 लाख हितग्राही थे। उसके बाद पोर्टल बंद कर दिया गया। इस बीच 2024, 2025 और 2026 में नई शादियां हुईं, पात्र महिलाओं की संख्या बढ़नी चाहिए थी लेकिन हितग्राहियों की संख्या 70 लाख से घटकर 68 लाख रह गई।
भूपेश बघेल ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि आखिर सरकार ने पोर्टल बंद क्यों कर रखा है? नई पात्र महिलाओं को योजना से वंचित क्यों रखा जा रहा है? एक तरफ नए नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं, दूसरी तरफ पुराने हितग्राहियों के नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मेरा सरकार से सीधा सवाल है कि आखिर 2 लाख महिलाओं के नाम किस आधार पर काटे गए? सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।
धान खरीदी नहीं करना चाहती है
वहीं, धान खरीदी के मुद्दे पर भी भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोला। भूपेश बघेल ने कहा- दीपावली नजदीक है लेकिन भाजपा सरकार अब तक धान खरीदी की तारीख घोषित नहीं कर पाई है। यदि 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू होती तो किसान, मजदूर और आम जनता खुशी-खुशी दीपावली मना पाते। प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर दीये और तेल जलाने के लिए सरकार के पास पैसा है लेकिन किसानों के लिए नहीं है।
उन्होंने कहा- धान की कटाई शुरू हो चुकी है और किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। जब सरकार की तैयारी पूरी है, तो धान खरीदी की तारीख घोषित क्यों नहीं की जा रही? यदि सरकार वास्तव में किसान हितैषी है, तो धान खरीदी शुरू कर दें या पंजीकृत किसानों को अग्रिम भुगतान कर दें, ताकि किसान भी खुशी से दीपावली मना सकें।
वादा पूरा करें अमित शाह
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर भूपेश बघेल ने कहा कि अमित शाह को अपना वादा पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की अपनी संस्कृति और परंपराएं हैं, लेकिन सरकार उनकी पहचान मिटाने का प्रयास कर रही है। पहले भाजपा सरकार ने आदिवासियों को वनवासी बना दिया, आदिम जाति कल्याण विभाग को अनुसूचित जनजाति विभाग बना दिया और अब उनकी संस्कृति पर सीधा हमला बोल रहे हैं, उनकी पहचान खत्म कर रहे हैं।
राष्ट्रपति जी छत्तीसगढ़ आयी हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। लेकिन केंद्र सरकार के गृह मंत्री ने घोषणा की थी कि नक्सलमुक्त होने पर प्रत्येक पंचायत को एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। राष्ट्रपति जी से मेरा आग्रह है कि आदिवासियों के हित में ही सही, इस घोषणा को पूरा करवाने की पहल करें।
