January 22, 2026

बिना नागरिकता वाले शख्स का क्या होता है? भारत से पत्ता कटा, अब वनुआतू छीनेगा ललित मोदी से सिटीजनशिप

LALIT MODI

नईदिल्ली /पोर्ट विला। ना घर के ना घाट के—यह कहावत भगोड़े व्यापारी और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व फाउंडर ललित मोदी पर बिल्कुल सटीक बैठती है. नागरिकता के संकट में फंसे मोदी ने हाल ही में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपने भारतीय पासपोर्ट को सरेंडर करने के लिए आवेदन दिया था.

लेकिन इसके कुछ ही दिनों बाद, वनुआतू सरकार ने भी उसके खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए नागरिकता रद्द करने का आदेश दे दिया. अब ललित मोदी के पास न भारत की नागरिकता बची है और न ही वनुआतू की. ऐसे में सवाल उठता है—क्या होता है जब किसी व्यक्ति के पास किसी देश की नागरिकता नहीं होती?

कैसे घिरा ललित मोदी?
ललित मोदी पर आईपीएल में करोड़ों रुपये के घोटाले के आरोप लगे हैं और वह भारतीय कानून से बचने के लिए पिछले कई वर्षों से लंदन में रह रहा है. वनुआतू की नागरिकता ललित मोदी के लिए एक सेफ हाउस की तरह थी मगर जैसे ही अंतरराष्ट्रीय मीडिया में ये खुलासा हुआ कि वो भारत में भगोड़ा घोषित किया गया है तो तुरंत वनुआतू सरकार ने भी सख्त रूख अपना लिया. प्रधानमंत्री जोथम नापाट ने साफ कर दिया कि उनका देश किसी भगोड़े को पनाह नहीं देगा और ललित मोदी की नागरिकता रद्द करने का आदेश दे दिया.

नागरिकता जाने का मतलब क्या होता है?
UNHCR के मुताबिक किसी भी व्यक्ति के पास अगर किसी भी देश की नागरिकता नहीं होती तो वह “Stateless Person” कहलाता है. ऐसे व्यक्तियों की कानूनी स्थिति बेहद जटिल हो जाती है.

किसी भी देश में स्थायी रूप से रहने का अधिकार नहीं होता.
वे किसी भी देश की सामाजिक सुविधाओं का लाभ नहीं उठा सकते.
वे कानूनी रूप से यात्रा करने के लिए पासपोर्ट प्राप्त नहीं कर सकते.
उन्हें शरणार्थी दर्जा देने या किसी देश में अस्थायी वीजा देने का निर्णय सरकारों पर निर्भर करता है.
संयुक्त राष्ट्र की 1954 की Stateless Persons Convention ऐसे व्यक्तियों को कुछ मूलभूत अधिकार देने की बात कहती है, लेकिन यह पूरी तरह से संबंधित देशों की इच्छा पर निर्भर करता है कि वे किसी स्टेटलेस व्यक्ति को अपने यहां शरण देंगे या नहीं.

कहां है वनुआतू?
वनुआतू दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीप देश है. यह 83 द्वीपों से बना एक द्वीपसमूह है, जिनमें से केवल 65 पर ही लोग रहते हैं. ये ऑस्ट्रेलिया के पूर्व और न्यूजीलैंड के उत्तर में या ऑस्ट्रेलिया और फिजी के बीच में स्थित है. इसकी राजधानी और सबसे बड़ा शहर पोर्ट विला है, जो इफेट द्वीप पर स्थित है. ग्लोबल रेजिडेंस इंडेक्स के मुताबिक वनुआतू पासपोर्ट पर 133 देशों में बिना वीजा एंट्री मिलती है. हेनली इंडेक्स के मुताबिक वनुआतू का पासपोर्ट दुनिया में 51वें नंबर पर है, जो सऊदी अरब(57), चीन (59) और इंडोनेशिया (64) से ऊपर है. भारत 80वें नंबर पर है.

एक और दिलचस्प बात ये हैं कि वनुआतू में न ही तो किसी व्यक्ति के इनकम, संपत्ति पर कोई टैक्स नहीं लगता है. देश में न तो विरासत कर है न ही कॉर्पोरेट कर. शायद इसलिए ललित मोदी ने वनुआतू की नागरिकता लेने की सोची. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले दो सालों में 30 अमीर भारतीयों ने यहां की नागरिकता हासिल की है और यहां नागरिकतना लेने वालों में चीन के लोग सबसे आगे है.

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