कबीरधाम भोरमदेव महोत्सव: कॉरिडोर निर्माण से बदला आयोजन स्थल, 17 मार्च को छपरी गांव में सजेगा सांस्कृतिक मंच
कबीरधाम। छत्तीसगढ़ राज्य और कबीरधाम जिले का प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजन भोरमदेव महोत्सव इस वर्ष 17 मार्च, मंगलवार को आयोजित किया जाएगा। केंद्र सरकार के भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्य के चलते इस बार महोत्सव के आयोजन स्थल में बदलाव किया गया है। पारंपरिक रूप से भोरमदेव मंदिर परिसर के आसपास आयोजित होने वाला यह महोत्सव इस बार बोड़ला रोड स्थित ग्राम पंचायत छपरी में आयोजित होगा।
जिला प्रशासन ने महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं और अधिकारियों को विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कहा कि भोरमदेव महोत्सव जिले की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है, इसलिए इसकी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और आकर्षक होनी चाहिए।
कलेक्टर ने मुख्य मंच की साज-सज्जा, लाइटिंग और साउंड सिस्टम की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कलाकारों के लिए ग्रीन रूम और दर्शकों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रशासन ने महोत्सव स्थल पर भीड़ प्रबंधन को लेकर भी विशेष तैयारी शुरू कर दी है। कार्यक्रम स्थल पर समुचित बैरिकेडिंग करने, पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था और अस्थायी शौचालय बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग स्थान चिन्हित करने और वहां पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल और पहुंच मार्गों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त संकेतक बोर्ड लगाने के लिए भी कहा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों को जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे उसे निर्धारित समय सीमा में पूरा करें, ताकि महोत्सव का आयोजन व्यवस्थित और सफल तरीके से किया जा सके।
सांस्कृतिक उत्सव का माहौल लेकर आता है महोत्सव
भोरमदेव महोत्सव हर साल जिले में सांस्कृतिक उत्सव का माहौल लेकर आता है। इस दौरान प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों द्वारा लोकनृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती हैं, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। आयोजन स्थल में बदलाव के बावजूद इस वर्ष भी महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे जिले की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक लोगों को देखने को मिलेगी।
