CG : अंडे का ठेला लगाने वाले भाइयों के पास थी आलीशान कोठी, प्रशासन ने किया कुर्क, काली कमाई से खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सूदखोरी के कारोबार से काली कमाई करने वाले तोमर बंधुओं के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। काले कारोबार से अकूल दौलत कमाने वाले रोहित और वीरेन्द्र तोमर पर कानून का शिकंजा कस गया है। शनिवार को प्रशासन ने उनकी संपत्ति को कुर्क कर लिया। दोनों करीब दो महीने से फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर तलाश कर रही है।
एसडीएम एनके चौबे की मौजूदगी में प्रशासन ने भाठागांव स्थित उनके आलीशान बंगले को कुर्क कर लिया है। जिसमें दोनों भाइयों का 1500-1500 स्क्वायर फीट हिस्सा है। यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब कोर्ट के परमिशन के बिना घर में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। न ही संपत्ति को बेचा जा सकता है। इससे पहले रायपुर नगर निगम ने भी रोहित तोमर के अवैध ऑफिस पर बुलडोज़र चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया था।
अन्य प्रॉपर्टी को जब्त करने की प्रोसेस
एसडीएम नंद कुमार चौबे और तहसीलदार की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में भाठागांव स्थित ‘साईं विला’ मकान व जमीन पर कब्जा लिया। कुर्क की गई कुल संपत्ति 3,000 स्क्वायर फीट की है, जिसमें दोनों भाइयों का बराबर का हिस्सा था। साथ ही राजधानी के आसपास उनकी तीन अन्य जमीनों को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
कोर्ट में पेश होने का था आखिरी मौका
संपत्ति को कुर्क करने के लिए पुलिस ने याचिका लगाई थी, इसके बाद कोर्ट ने अंतिम चेतावनी जारी की थी। कोर्ट ने दोनों भाइयों को 18 अगस्त तक पेश होने का मौका दिया था। इसके बाद भी तोमर ब्रदर्स कोर्ट नहीं पहुंचे थे, वह 2 महीने से फरार हैं।
दो महीने पहले सामने आया था मामला
दरअसल, करीब दो महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का केस तेलीबांधा थाने में दर्ज कराया था। पुलिस रोहित की तलाश में उसके आवास पर पहुंची थी यहां जांच के दौरान अकूल दौलत बरामद हुई थी। इसके बाद उनके सूदखोरी के कारोबार का खुलासा हुआ था। पुलिस के अनुसार, दोनों भाई पहले रायपुर के टिकरापारा में अंडे का ठेला लगाते थे इसके बाद सूदखोरी के बिजनेस में उतरे और करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई।
