April 23, 2026

जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत: CBI के जवाब तक सरेंडर पर रोक, हाईकोर्ट के आदेश पर फिलहाल ठहराव

Supreme-Court

नईदिल्ली। रायपुर में चर्चित जग्गी हत्याकांड मामले में अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने सीबीआई का जवाब आने तक उनके सरेंडर पर रोक लगा दी है। यह आदेश उस समय आया जब उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। इस फैसले से फिलहाल उनकी गिरफ्तारी या सरेंडर की प्रक्रिया पर रोक लग गई है और मामले में अगली सुनवाई तक स्थिति यथावत बनी रहेगी।

हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती
इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दो अप्रैल को फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया था और उन्हें तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के पुराने फैसले को पलटते हुए यह आदेश दिया था। इसी आदेश के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां अब उन्हें अस्थायी राहत मिली है।

CBI और पक्षकारों को नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, राज्य सरकार और याचिकाकर्ता पक्ष को नोटिस जारी किया है। राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के अनुसार कोर्ट नंबर दो में सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया गया। अब सीबीआई के जवाब के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी, जिससे केस की दिशा एक बार फिर महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है।

2003 से जुड़ा पुराना मामला
यह पूरा मामला वर्ष 2003 में एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की हत्या से जुड़ा है। मामले की जांच 2004 में सीबीआई को सौंपी गई थी, जिसने विस्तृत जांच के बाद हजारों पन्नों की चार्जशीट दाखिल की।

शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
वर्ष 2007 में स्पेशल कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, लेकिन सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया गया था, जिससे मामला लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया में उलझा रहा।

केस बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
जग्गी हत्याकांड लंबे समय से छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। इस मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे पर आरोप लगाए गए थे। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। आगे सीबीआई की रिपोर्ट और कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जिससे इस हाई प्रोफाइल केस का भविष्य तय होगा।

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