महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूप कुमारी का रायपुर में स्वागत, राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान समेत कई मुद्दों पर दिया जवाब
रायपुर। छत्तीसगढ़ के महासमुंद सीट से सांसद रूप कुमारी चौधरी को राष्ट्रीय महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है. जिसके बाद पहली बार रूपकुमारी चौधरी छत्तीसगढ़ पहुंची. शनिवार को उनका एयरपोर्ट में महिला मोर्चा ने भव्य स्वागत किया गया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी के मनुस्मृति पर दिए बयान और सोनिया गांधी के संस्मरण नहीं छापने जैसे कई मुद्दों पर बयान दिया.
‘दायित्व पर खरा उतरने की कोशिश’
महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि निश्चित रूप से आज का यह दिन बड़ा गौरव का विषय है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व संगठन का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करती हूं. जिन्होंने छत्तीसगढ़ को तीसरी बार महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का गौरव और अवसर प्रदान किया किया है. महिला मोर्चा की बहनें और पूरे भारतीय जनता पार्टी के संगठन के सभी लोग बड़े उत्साह के साथ यहां पर उपस्थित हैं. हमें जो दायित्व मिला है निश्चित रूप से उस पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे.
राहुल गांधी पर बयान
राहुल गांधी के मनुस्मृति और महिलाओं को लेकर दिए गए बयान पर रूप कुमारी चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने ही महिलाओं को हमेशा से सम्मान दिया है. वेद शास्त्र में भी नारी को पूजनीय बताया गया है. इस बात को हम सब निश्चित रूप से स्वीकार करते हैं. हम सब सनातनी स्वीकार करते हैं. अगर आप साल 2014 के बाद इस देश में महिलाओं की स्थिति देखें और उनकी आत्मनिर्भरता की बात करें, उनकी स्वावलंबी बनने की बात करें, उनके शिक्षा की. उनके स्वास्थ्य की इसके साथ ही सबसे बड़ी चीज उनको आगे बढ़ने का अवसर दिया है तो वे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी.
सोनिया गांधी के मुद्दे पर कहा
सोनिया गांधी के संस्मरण को नहीं छापने के मुद्दे पर रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि उसमें हमारा कोई लेनदेन नहीं है. अगर किसी संस्था ने मना किया है तो वो उनकी अपनी इच्छा है. जब भी कोई हिंदू पर्व त्यौहार आते हैं उसमें छेड़छाड़ या अश्लीलता के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारी जो अपनी संस्कृति है. अपनी परंपरा है. हम अपनी संस्कृति को बचाए रखें तो किसी भी देश की अपनी सनातन संस्कृति अपने धर्म अपने रीति-रिवाज ही हम सबको आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है. निश्चित रूप से हम अपने संस्कारों के साथ आगे बढ़ें यही बेहतर होगा.
