रायपुर के 30 स्पा सेंटरों पर पुलिस का छापा : कुल 15 टीमों ने मारी रेड, दो सेंटर में मिली आपत्तिजनक सामग्री
रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट ने शनिवार को शहर में चल रहे स्पा सेंटरों पर छापा मारा। पुलिस की कुल 15 टीमों ने 100 से ज्यादा अफसर-कर्मचारियों के साथ बड़े स्तर पर सघन जांच पड़ताल की। इस दौरान 30 स्पा सेंटरों पर अचानक दबिश देकर जांच की गई। औचक निरीक्षण से कई स्पा सेंटरों में हड़कंप मच गया। इस दौरान शहर में तरह-तरह की बातें होती रहीं।
पुलिस के मुताबिक,जांच के दौरान दो स्पा सेंटर में आपत्तिजनक सामग्री मिली। इसमें थाना डीडी के तहत संचालित एलिना स्पा सेंटर और थाना पंडरी क्षेत्र के अंबुजा मॉल के थाई स्पा सेंटर शामिल हैं। दोनों सेंटरों के मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस ने आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।

पुलिस टीमों ने स्पा सेंटरों में कई बिंदुओं पर जांच की। ग्राहकों के रजिस्टर, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनकी रिकॉर्डिंग क्षमता की जांच की गई। इसके अलावा सेंटर संचालकों, मैनेजरों और कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले गये। पुलिस ने कर्मचारियों की आयु संबंधी दस्तावेज और स्टाफ रजिस्टर समेत अन्य आवश्यक अभिलेखों की भी छानबीन की।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि शहर में चल रहे स्पा सेंटरों की जांच और निगरानी लगातार जारी रहेगी। आगे भी जांच पड़ताल की जायेगी। जांच के दौरान यदि किसी सेंटर में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संचालक, मैनेजर और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट का यह अभियान स्पा सेंटरों की गतिविधियों, दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिहाज से कारगर माना जा रहा है।
शहर के स्पा सेंटरों की सघन जांच के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया। कार्रवाई पुलिस उपायुक्त वेस्ट जोन रॉबिन्सन गुरिया, पुलिस उपायुक्त सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल और पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप के निर्देशन में तीनों जोन में की गई। जांच के लिए गठित पुलिस टीमों का नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त स्नेहिल साहू, नंदिनी ठाकुर और पूर्णिमा लामा ने किया।
संदिग्ध गतिविधि की छानबीन
पुलिस ने स्पा सेंटरों में प्रतिबंधित या संदिग्ध गतिविधि की छानबीन की। साथ ही परिसर की व्यवस्था, लीज और किराए से संबंधित दस्तावेज, स्वामित्व संबंधी कागजात तथा सेंटर संचालन के लिए आवश्यक अन्य अनुमतियों को भी जांच के दायरे में रखा गया। बता दें कि निरीक्षण के लिये पुलिस की 15 टीमों का गठन किया गया था, जिसमें राजपत्रित अधिकारियों सहित 100 से अधिक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
