सीएम का कांग्रेस पर हमला, कहा- आदिवासी समाज उनके लिए केवल वोट बैंक, बीजेपी को जनजातियों की चिंता
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आदिवासी मुद्दों को लेकर कांग्रेस के प्रस्तावित आंदोलन पर निशाना साधते हुए कहा कि जनजातीय समाज कांग्रेस को अच्छी तरह पहचान चुका है और अब उसके बहकावे में आने वाला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने दशकों तक आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की जनता और अनुसूचित जनजाति समाज ने कांग्रेस को करीब 50 वर्षों तक देखा है, लेकिन इस दौरान पार्टी ने आदिवासी समुदाय के विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए।
बीजेपी को है जनजातियों की चिंता
उन्होंने कहा, “अगर किसी ने जनजातीय समाज की चिंता की है तो वह भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने की है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अनुसूचित जनजातियों के विकास के लिए अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया था। कांग्रेस भी यह काम कर सकती थी, लेकिन उसने आदिवासियों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया।”
आदिवासी समुदाय तक पहुंच रहा है लाभ
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ आदिवासी समुदाय तक पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के 12 करोड़ से अधिक जनजातीय लोगों के विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि इस योजना में छत्तीसगढ़ के 600 से अधिक गांव शामिल हैं, जहां विशेष रूप से पिछड़ी जनजातियों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
बीजेपी सरकार ने शुरू की पीएम जनमन योजना
सीएम साय ने आगे कहा कि कोरवा, बिरहोर, बैगा, कमार और अबूझमाड़िया जैसे विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए पीएम जनमन योजना शुरू की गई है। इसके तहत दूर-दराज के आदिवासी इलाकों में सड़क, बिजली, पेयजल और आवास जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, “आज इन समुदायों की बस्तियों तक सड़कें पहुंच रही हैं, घरों में बिजली लग रही है, नल के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके लिए मकान बनाए जा रहे हैं।”
समाज जान चुका है कांग्रेस की सच्चाई
मुख्यमंत्री साय ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि चाहे कांग्रेस कितने भी आंदोलन कर ले, जनजातीय समाज अब उसकी राजनीति को समझ चुका है। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस आदिवासी मुद्दों को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी कर रही है।
