August 29, 2026

CG : 15 अगस्त को तिरंगे में सजा आम का पेड़ रातोंरात गायब, मेयर और कमिश्नर को खबर तक नहीं

AAM-TIRANGA

रायपुर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऑक्सीजोन इन दिनों अपनी हरियाली के लिए नहीं, बल्कि एक पेड़ की रहस्यमयी तरीके से हुई कटाई को लेकर चर्चा में आ गया है। सिस्टम की घोर लापरवाही और अनदेखी का शिकार होकर एक हरा-भरा आम का पेड़ हमेशा के लिए जमींदोज कर दिया गया। महज कुछ दिन पहले ही 15 अगस्त के मौके पर यही पेड़ तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंगों की रोशनी से जगमगाते हुए शान से खड़ा था, लेकिन अब उसकी जगह सिर्फ एक सूनापन बचा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पेड़ को किसने और किस आदेश के तहत काटा, इसकी भनक तक जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों और महापौर को नहीं है।

आखिर किसने कटवाया पेड़? महापौर और कमिश्नर भी अंजान
पेड़ काटे जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना किसी सरकारी अनुमति के कलेक्टोरेट परिसर जैसे संवेदनशील और सुरक्षित इलाके से पेड़ काटने की हिम्मत किसने जुटाई? हद तो तब हो गई जब इस बारे में जोन चार कमिश्नर दिव्या चंद्रवंशी से बात की गई, तो उनका कहना था कि पेड़ काटने के लिए उनसे किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई है और उन्हें खुद इसकी जानकारी नहीं है।

अधिकारियों के इस तरह बेखबर होने से यह साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक तंत्र में किस कदर मनमानी चल रही है। 19 एकड़ में फैले और पांच हजार से अधिक पेड़-पौधों वाले इस ऑक्सीजोन में इस तरह की घटना पर्यावरण संरक्षण पर बड़ा सवालिया निशान लगाती है।

तस्वीर छोड़ गई कई गंभीर सवाल
महज कुछ दिन पहले कैमरे में कैद तस्वीर में यह आम का पेड़ पूरी तरह जीवंत नजर आ रहा था, लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर उसी स्थान से उसका नामोनिशान मिटा दिया गया। एक पेड़ को बड़ा करने में प्रकृति को दशकों लग जाते हैं, लेकिन सिस्टम की लापरवाही उसे चंद मिनटों में नेस्तनाबूद कर देती है। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद प्रशासन असल दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है।

error: Content is protected !!