CG : धान में करगा मिलने से किसान परेशान, इस समिति से दिया गया बीज
दुर्ग। मानसून की देरी से किसान पहले ही परेशान है. ऐसे में धान के बीज में करगा मिलने से किसान और दुखी है. किसानों का कहना है कि करगा छांटने में उसकी लागत बढ़ रही है. मजदूरी भी ज्यादा देनी पड़ेगी और फसल भी बढ़िया नहीं मिलेगा. किसानों का कहना है कि जो करगा वाला धान बीज मिला है वो सिरसा समिति की ओर से दिया गया है. कृषि विभाग के उपसंचालक का कहना है कि अमूमन ऐसा होता नहीं है लेकिन किसानों की अगर शिकायत है तो उसे चे किया जाएगा.
धान के बीच में मिल रहा करगा: किसानों का कहना है कि धान का बीज सिरसा समिति से दिया गया है. जो बीच मिला है करगा ग्रस्त यानि कीड़े लगा है. धान में लगे कीड़े पहले धान की पत्तियों को खाते हैं फिर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं. कीड़ों की वजह से फसल खराब होने का डर बना रहता है. कीड़ों की वजह से पैदावार भी घट जाती है. किसानों की आय पर भी असर पड़ता है. किसानों का कहना है कि अब वो करगा वाले धान की छंटाई करा रहे हैं. कई किसानों का कहना है कि करगा वाले बीज से धान की फसल प्रभावित होती है जब ये फसल सोसाइटी में बेचने जाते हैं तो वो उसे नहीं लेते हैं.
करगा वाले धान के बीज मिलने से हम परेशान हैं. इस बीज से फसल प्रभावित होती है और लागत भी बढ़ जाती है: उदय राम वर्मा,किसान
हमें दोगुना मेहतन करनी पड़ेगी. कीड़े अगर फसल में लग गए तो पूरी फसल खराब होने का डर बना रहेगा: कीर्तन साहू,किसान
करगा लगे धान के बीच नहीं दिए जाते हैं. फिर भी अगर किसानों का आरोप है तो हम उसे चेक करेंगे: संदीप कुमार भोई,उपसंचालक कृषि विभाग
किसानों की मांग: किसानों का कहना है कि उनको अच्छे और गुणवत्ता वाले बीज समिति से दिए जाएं. किसानों का कहना है कि खराब बीज से उनकी फसल खराब होगी और वो मुश्किल में पड़ जाएंगे. लागत के साथ साथ परेशानी अलग बढ़ जाएगी.
