September 19, 2026

पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश को ‘पहचान’ करनी होगी साबित, चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

admiral

गोवा। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक और वीर चक्र से सम्मानित एडमिरल अरुण प्रकाश, जो पिछले 20 वर्षों से गोवा में रह रहे हैं, उन्हें चुनाव आयोग की ओर से एक नोटिस मिला है। इस नोटिस में उन्हें अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए चुनाव अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया है।

दक्षिण गोवा की जिला कलेक्टर और रिटर्निंग ऑफिसर, एग्ना क्लीटस के अनुसार, एडमिरल प्रकाश का नाम ‘अनमैप्ड’ श्रेणी में आता है, क्योंकि उनका विवरण 2002 के बाद से अपडेट की गई मतदाता सूची में मौजूद नहीं था।

एडमिरल अरुण प्रकाश की प्रतिक्रिया
पूर्व नौसेना प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनका और उनकी पत्नी का नाम गोवा ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 2026 में पहले से ही दिखाई दे रहा है, फिर भी उन्हें नोटिस दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान SIR फॉर्म आवश्यक जानकारी नहीं जुटा पा रहे हैं, तो उनमें सुधार किया जाना चाहिए।

82 वर्षीय एडमिरल ने बताया कि उन्हें और उनकी 78 वर्षीय पत्नी को 18 किलोमीटर दूर अलग-अलग तारीखों पर पेश होने के लिए बुलाया गया है, जो इस उम्र में व्यवहार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वे किसी विशेष विशेषाधिकार की मांग नहीं कर रहे हैं और आयोग के नोटिस का पालन करेंगे।

सोशल मीडिया पर उठाए गए सवाल
इस खबर के सामने आने के बाद पूर्व सैन्य अधिकारियों और आम नागरिकों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल टी. एस. आनंद और अन्य उपयोगकर्ताओं ने तर्क दिया कि सरकार के पास पहले से ही एडमिरल का PPO (पेंशन भुगतान आदेश) और लाइफ सर्टिफिकेट डेटाबेस में मौजूद है। ऐसे में कीबोर्ड के कुछ बटन दबाकर पहचान की जा सकती थी।

कई लोगों का मानना है कि इतने वरिष्ठ अधिकारी और युद्ध नायक के मामले में SIR टीम को उनके घर जाकर सत्यापन करना चाहिए था, न कि उन्हें दफ्तर बुलाना चाहिए था। जिला कलेक्टर एग्ना क्लीटस ने कहा है कि वह सोमवार को एडमिरल के गणना फॉर्म की जांच करेंगी और अधिकारी खुद उनसे संपर्क करेंगे।

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