रणजी ट्रॉफी फाइनल : जम्मू कश्मीर ने रचा इतिहास, पहली बार रणजी ट्रॉफी किया अपने नाम
जम्मू कश्मीर और कर्नाटक के बीज खेला जाने वाला रणजी ट्रॉफी का फाइनल ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में 291 रनों की लीड लेने की वजह से जम्मू कश्मीर को विनर घोषित कर दिया गया. जिसके साथ जम्मू कश्मीर ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. जबकि कर्नाटक का 9वीं बार टाइटल जीतने का सपना टूट गया. जम्मू कश्मीर ने टॉस जीतकर पहली पारी में 584 रन बनाए थे, जबकि कर्नाटक की टीम पहली पारी में 293 रन ही बना सकी थी.
मैच के पांचवें और अंतिम दिन जम्मू कश्मीर ने अपनी दूसरी पारी 342/4 के स्कोर पर घोषित की. जिससे उनकी कुल लीड 633 रनों की हो गई. लेकिन कर्नाटक की टीम में दूसरी पारी में बल्लेबाजी न करने का फैसला किया और जम्मू कश्मीर के कप्तान से हैंडशेक करके मैच को ड्रॉ पर खत्म करने के लिए अपनी इच्छा जताई. जिसके बाद जम्मू कश्मीर को पहली पारी की लीड के आधार पर चैंपियन घोषित कर दिया गया.
फाइनल मैच और टूर्नामेंट के हीरो
जम्मू कश्मीर के शुभम पुंडीर को प्लेयर ऑफ दि मैच का अवॉर्ड दिया गया. उन्होंने फाइनल मैच की पहली पारी में शानदार 121 रनों की पारी खेली थी. जिससे जम्मू कश्मीर बड़ा स्कोर बनाने में सफल रहा था. वहीं टीम के तेज गेंदबाज आकिब नबी को प्लेयर ऑफ दि टूर्नामेंट का अवॉर्ड दिया गया. उन्होंने इस सीजन सबसे ज्यादा 60 विकेट लिए. जिसमें कि 7 बार पांच विकेट हॉल शामिल है. फाइनल मैच में भी आकिब नबी ने 5 विकेट लिए थे.
जम्मू कश्मीर की पहली पारी
जम्मू कश्मीर ने पहली पारी में 584 रन का बड़ा स्कोर बनाया. जिसमें ओपनर कामरान इकबाल को छोड़कर टॉप के 6 बल्लेबाजों ने 50 प्लस के स्कोर करने में सफल रहे. शुभम पुंडीर ने शानदार 121 रन बनाए. इसके अलावा यावर हसन (88), कप्तान पारस डोगरा (70), अब्दुल समद (61), कन्हैया वधावन (70) और साहिल लोत्रा ने शानदार 72 रन बनाए. कर्नाटक की तरफ से प्रसिद्ध कृष्णा ने सबसे ज्यादा 5 विकेट लिए.
कर्नाटक की पहली परी
584 के जवाब में कर्नाटक की पहली पारी 293 रनों पर ही ढेर हो गई. जिसमें मयंक अग्रवाल के 160 रन सबसे ज्यादा थे. इसके अलावा कोई भी बल्लेबाज जम्मू कश्मीर के गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर तक नहीं टिक सके. जिसकी वजह से जम्मू कश्मीर को पहली पारी में 291 रनों की बड़ी बढ़त मिल गई. आकिब नबी ने सबसे ज्यादा पांच विकेट लिए जबकि सुनील कुमार और युद्धवीर सिंह को 2-2 विकेट मिले.
जम्मू कश्मीर की दूसरी पारी
291 रनो की लीड मिलने के बाद जम्मू कश्मीर ने दूसरी पारी में भी शानदार बल्लेबाजी की और पांचवें दिन 4 विकेट पर 342 रन बनाकर पारी घोषित की. जिसमें कामरान इकबाल के नाबाद 160 रन और साहिल लोत्रा के नाबाद 101 रन सबसे ज्यादा थे. कर्नाटक की तरफ से कृष्णा ने सबसे ज्यादा दो विकेट लेने में सफल रहे.
कर्नाटक को मिला 633 का लक्ष्य
फाइनल मैच के पांचवें और अंतिम दिन जब टी टाइम से पहले जम्मू कश्मीर ने अपनी पारी घोषित की तो कर्नाटक के कप्तान ने समय ज्यादा न होने की वजह से दूसरी पारी में बल्लेबाजी न करने का फैसला किया और अपने विरोधी कप्तान पारस डोगरा से हाथ मिला कर मैच ड्रॉ करने राजी हो गए. जिस की वजह मैच का नतीजा ड्रॉ रहा, लेकिन पहली परी में लीड लेने की वजह से जम्मू कश्मीर पहली बार रणजी का चैंपियन बन गया.
