CM साय के कार्यक्रम में हंगामा : किसान सम्मेलन में सुरक्षा व्यवस्था पर विवाद, भाजपा कार्यकर्ता सुरक्षाकर्मियों से भिड़े
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के रहंगी में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आगमन से पहले कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए उत्साहित भाजपा कार्यकर्ता मंच की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे जवानों ने उन्हें निर्धारित सुरक्षा सीमा से आगे जाने से रोक दिया।
सुरक्षा कर्मियों की रोकटोक से नाराज कुछ कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस तेज हो गई और कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया। हालांकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर नहीं गई।
भाजपा नेताओं ने संभाली स्थिति
मौके पर मौजूद वरिष्ठ भाजपा नेताओं और स्थानीय पदाधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाइश देते हुए सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की। नेताओं की पहल के बाद कार्यकर्ता शांत हुए और विवाद कुछ ही देर में समाप्त हो गया। स्थिति सामान्य होने के बाद कार्यक्रम नियत समय पर शुरू किया गया। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया।
किसान सम्मेलन में विकास योजनाओं की बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिले के रहंगी में आयोजित वृहद किसान सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने 263 करोड़ रुपये से अधिक लागत के कुल 89 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, पुल निर्माण, अस्पतालों का उन्नयन और सिंचाई सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कई ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन भी किया गया, जिससे दूरस्थ गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
किसानों के खातों में हजारों करोड़ रुपये की राशि अंतरित
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना रहा। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के 24.28 लाख किसानों के खातों में कुल 10 हजार नहीं 324 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की। सरकार का दावा है कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। हल्के विवाद के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और विकास योजनाओं को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला।
