January 23, 2026

बीजेपी ने नियम के खिलाफ किया मंत्रिमंडल विस्तार? भूपेश बघेल को केंद्र से नहीं मिली थी अनुमति, पहली बार 13 विधायक बने मंत्री

BHUPESH

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कैबिनेट विस्तार को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य के गठन के बाद पहली बार सीएम समेत 14 विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया गया है। इस विस्तार पर पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सवाल उठाए हैं। भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी ने कैबिनेट विस्तार को मजाक बना दिया है। उन्होंने कहा कि नियम है कि 15 फीसदी से ज्यादा विधायक मंत्री नहीं बन सकते हैं फिर बीजेपी ने कैसे 3 विधायकों को शपथ दिला दी।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। मंत्रिमंडल में एक मंत्री सरगुजा, एक मंत्री दुर्ग और एक रायपुर जिले से बनाये गये हैं। सारे वरिष्ठ नेता एक लाइन से खड़े थे। वरिष्ठ नेता बहुत ही काबिल थे। लेकिन कैबिनेट विस्तार में सभी वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर दिया गया। तीनों नये मंत्रियों को बधाई एवं शुभकामनाएं।

भूपेश बघेल ने पीएम को लिखा था लेटर
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार को एक मजाक बना दिया है। नियम है कि सरकार में 15 प्रतिशत ही मंत्री बन सकते हैं। जब हमारी सरकार थी तब हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था क्योंकि छत्तीसगढ़ भगौलिक दृष्टि से और विभागीय कार्यों को संपादित करने के लिये एक मंत्री को बढ़ाया जाए, लेकिन उसकी अनुमति नहीं मिली और भाजपा ने नियम के खिलाफ मंत्रियों की संख्या में वृद्धि की।

सरकार को देना चाहिए जवाब
उन्होंने कहा कि प्रश्न यह है कि मंत्रिमंडल का आकार 14 हो गया है, क्या उसकी अनुमति मिली है? क्या भारत सरकार ने मंत्रिमंडल बढ़ाने की अनुमति दी है? यह भाजपा के लोगों को बताना चाहिए। मंत्रिमंडल की अनुमति मिली है तो अच्छी बात है, नहीं तो यह गलत परंपरा है और असंवैधानिक है। क्या मंत्री पद बढ़ाने की गजट नोटिफिकेशन किया गया था, इसका जवाब सरकार को देना चाहिए।

वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जिस प्रकार से मंत्रिमंडल में सदस्य अनुपस्थित रहे उससे स्पष्ट होता है कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है। भाजपा में अपने वरिष्ठ नेताओं का कोई परवाह नहीं है और सारे सीनियर लीडर को दरकिनार कर दिया गया। इससे स्पष्ट है कि भाजपा के इन नेताओं का राजनैतिक भविष्य संकट में है। बृजमोहन अग्रवाल को विधानसभा से हटाकर लोकसभा भेज दिया गया। एक तरह से यह वनवास है। छत्तीसगढ़ की सरकार दिल्ली से चलती है। भाजपा ने वरिष्ठ नेताओं का कोई सम्मान नहीं किया। दिल्ली में 2 लोग बैठकर छत्तीसगढ़ की सरकार चला रहे हैं।

नए कानून को लेकर क्या कहा
लोकसभा में गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हटाने संबंधी तीन विधेयकों पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा,“ये कानून पास होने के बाद पूरे देश के मंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री सब उनके कंट्रोल में हो जाएगा, क्योंकि आज ऐसी व्यवस्था है कि कोई ऐसी धारा लगा दे तो आपको लोवर कोर्ट में बेल नहीं मिलेगा। फिर अगर बेल मिलने में 3 महीने लग गए तो वो तो मंत्रिमंडल से गया। इसका मतलब है कि सरकार विपक्ष को समाप्त करने के लिए ये कानून बना रही है।”

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