युक्तियुक्तकरण: कांग्रेस ने खोला मोर्चा; पूरे प्रदेश में करेगी आंदोलन, बैज बोले-10 हजार 463 स्कूल बंद
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से किये जा रहे युक्तियुक्तकरण के विरोध में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। इसे लेकर पार्टी पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि युक्तियुक्तकरण रोजगार विरोधी कदम है। इससे प्रदेश में 45 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खत्म हो जायेंगे। 10 हजार 463 स्कूल सीधे तौर पर बंद कर दिये गये हैं। नये सेटअप के नाम पर स्कूलों में शिक्षको के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती करके शिक्षक के हजारों पद खत्म कर दिया गया है।

‘प्राइमरी स्कूलों में 21.48 छात्रो के बीच एक शिक्षक’
उन्होंने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में प्राइमरी स्कूलों में 21.48 छात्रो के बीच एक शिक्षक हैं, इस अनुपात को बढ़ाकर 30 छात्र प्रति शिक्षक और इसी तरह मीडिल स्कूलों में 26.2 छात्र प्रति शिक्षक के रेसियो को बढ़ाकर 35 छात्र प्रति शिक्षक किया जा रहा है। इस वजह से शिक्षकों के एक तिहाई पद खत्म हो जायेंगे। नये शिक्षकों की भर्तियां न करनी पड़ी इसलिए युक्तियुक्तकरण कर रही साय सरकार। सरकारी शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने साय सरकार ने षड्यंत्र रचा है। साय सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अंचलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ेगा।
एक शिक्षा का सेटअप: बैज
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नए सेटअप में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में एचएम को शिक्षकीय पद मानते हुए प्राइमरी में 30 और मिडिल में 35 बच्चों के बीच एक शिक्षा का सेटअप घोषित किया गया है। प्राथमिक शालाओं में पहली व दूसरी में तीन-तीन विषय एवं तीसरी, चौथी, पांचवी में चार-चार विषय के अनुसार कुल 18 विषय होते हैं, जिन्हें वर्तमान समय में तीन शिक्षकों को 40 मिनट का 6-6 कक्षा लेना होता है, अब युक्तियुक्तकरण के नए नियम के बाद दो ही शिक्षको के द्वारा 18 कक्षाओं को पढ़ाना कैसे संभव हो सकता है? मिडिल स्कूल में तीन क्लास और 6 सब्जेक्ट इस हिसाब से कुल 18 क्लास और 60 बच्चों की कुल संख्या में एचएम और उसके साथ केवल एकमात्र शिक्षक कैसे 18 क्लास ले पाएंगे? इसके अतिरिक्त मध्याह्न भोजन की व्यवस्था डाक का जवाब और अन्य गैर शिक्षकीय कार्यों की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर रहेगी।
166 स्कूलों का होगा समायोजन : युक्तियुक्तकरण से हजारों स्कूल के बंद होने की बातें भ्रामक, विभाग ने कहा- असलियत इससे बिल्कुल अलग, व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश
वही दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने कतिपय संगठनों एवं व्यक्तियों द्वारा युक्तियुक्तकरण से हजारों की संख्या में स्कूलों के बंद होने की बात को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन बताया है. स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि असलियत इससे बिल्कुल अलग है. प्रदेश सरकार की ओर से जारी युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी की पढ़ाई रोकना नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है.
राज्य के कुल 10,463 स्कूलों में से सिर्फ 166 स्कूलों का समायोजन होगा. इन 166 स्कूलों में से ग्रामीण इलाके के 133 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें छात्रों की संख्या 10 से कम है और एक किलोमीटर के अंदर में दूसरा स्कूल संचालित है. इसी तरह शहरी क्षेत्र में 33 स्कूल ऐसे हैं, जिसमें दर्ज संख्या 30 से कम हैं और 500 मीटर के दायरे में दूसरा स्कूल संचालित है. इस कारण 166 स्कूलों को बेहतर शिक्षा के उद्देश्य से समायोजित किया जा रहा है,
विभाग ने दलील दी कि इससे किसी भी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी. शेष 10,297 स्कूल पूरी तरह से चालू रहेंगे. उनमें केवल प्रशासनिक और शैक्षणिक स्तर पर आवश्यक समायोजन किया जा रहा है. स्कूल भवनों का उपयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा और जहाँ आवश्यकता होगी, वहाँ शिक्षक भी उपलब्ध रहेंगे.
यहाँ स्पष्ट करना जरूरी है कि स्कूलों का “समायोजन” और “बंद” होना अलग चीज है. समायोजन का अर्थ है पास के स्कूलों को एकीकृत कर बेहतर संसाधनों का उपयोग. इसका मकसद बच्चों को अच्छी शिक्षा देना है, न कि स्कूल बंद करना. शिक्षा विभाग ने लोगों से अफवाहों से सावधान रहने की अपील की है. सच्चाई यह है कि राज्य सरकार स्कूलों को मजबूत करने, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने और हर बच्चे को बेहतर शिक्षा देने की सुदृढ व्यवस्था में जुटी है.
