रमजान महीने की शुरुआत में छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया बड़ा फैसला, मुस्लिम कर्मचारियों को मिलेगी एक घंटा पहले छुट्टी
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने रमजान महीने की शुरुआत होते ही एक बड़ा फैसला ले लिया है। बता दें, मुस्लिम समाज के लिए यह महीना इबादत, रोजा, संयम और आत्म अनुशासन का विशेष समय माना जाता है। ऐसे में पूरे माह रोजेदार सूर्योदय से सूर्यास्त तक रोजा रखते हैं, इबादत करते हैं और रात में विशेष नमाज ‘तरावीह’ अदा की जाती है, जिसमें पवित्र कुरान का पाठ किया जाता है।
रमजान के महत्व को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने राज्य के सभी शासकीय मुस्लिम अधिकारी एवं कर्मचारियों को कार्यालय समय से एक घंटा पूर्व कार्यमुक्त होने की अनुमति प्रदान की है।

इबादत और रोजे के लिए राहत
सरकार के इस निर्णय से रोजा रख रहे कर्मचारियों को शाम के समय इबादत, तरावीह नमाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा। रमजान के दौरान रोजेदारों के लिए दिनभर उपवास के बाद शाम का समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
निर्णय का स्वागत
सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए डॉ. सलीम राज ने इसे सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सभी जाति, धर्म, पंथ और समाज की आस्था का सम्मान किया जा रहा है।
सामाजिक सद्भाव का संदेश
डॉ. सलीम ने कहा कि यह निर्णय सामाजिक सद्भाव और धार्मिक संवेदनशीलता का परिचायक है। इससे समाज में परस्पर सम्मान और सौहार्द की भावना मजबूत होती है।
‘सबका साथ, सबका विश्वास’ की भावना
उन्होंने आगे कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की सोच का प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रदेश सरकार के इस फैसले के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे रोजा रख रहे कर्मचारियों को इबादत और परिवार के साथ समय बिताने में सहूलियत मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक संवेदनशीलता के साथ धार्मिक विविधता के सम्मान का उदाहरण माना जा रहा है।
