मनरेगा के ई-केवाईसी प्रगति धीमी, 39 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी
बेमेतरा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत ई-केवाईसी कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं लाए जाने पर जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाया है। जिले की सभी जनपद पंचायत में कार्यरत 39 कर्मचारी को शो-कॉज नोटिस थमाया गया है। इसमें 10 रोजगार सहायक व 29 तकनीकी सहायक को अलग-अलग कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला पंचायत द्वारा जारी नोटिस में उल्लेख किया गया है कि ई-केवाईसी कार्य शासन की प्राथमिकता में शामिल है, इसके बावजूद संबंधित कर्मचारियों द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं की गई। कई बार निर्देश व समीक्षा बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई है। रोजगार सहायकों को ग्राम स्तर पर श्रमिकों के ई-केवाईसी पंजीयन में लापरवाही बरतने तथा निर्धारित प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण नहीं करने के संबंध में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने कहा गया है।
वहीं, तकनीकी सहायकों को कार्य की प्रविष्टि, सत्यापन व पोर्टल पर अद्यतन प्रगति सुनिश्चित नहीं करने के संबंध में कारण बताने नोटिस जारी किया गया है। संबंधितों को निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय पर लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, जिले के पंजीकृत सभी श्रमिक का ई-केवाईसी (आधार सत्यापन) अनिवार्य रूप से किया जाएगा। 20 फरवरी को जिले की सभी ग्राम पंचायत भवन में सुबह सात बजे से विशेष शिविर आयोजित होंगे।
प्रशासन ने इसे विशेष अभियान के रूप में संचालित करने का निर्णय लिया है, ताकि शत-प्रतिशत श्रमिकों का ई-केवाईसी सुनिश्चित किया जा सके। डिजिटल माध्यम से पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू करने के उद्देश्य से ई-केवाईसी आवश्यक है। ई-केवाईसी पूर्ण होने पर श्रमिकों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी, जिससे कार्य के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी व उन्हें समय पर भुगतान प्राप्त होगा।
