CG : युक्तियुक्तकरण से पीड़ित शिक्षकों की सुनवाई जारी, तीन जिलों की सुनवाई पूरी, संभाग स्तरीय समिति से न्याय की उम्मीद जगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रायपुर संभाग में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से प्रभावित शिक्षकों की सुनवाई संभाग स्तरीय समिति के समक्ष जारी है. शुक्रवार को गरियाबंद जिले के शिक्षक, व्याख्याता और सहायक शिक्षक अपने प्रकरणों की सुनवाई में शामिल हुए. शनिवार को भी इसी जिले के प्रभावितों की सुनवाई होगी। शिक्षकों को उम्मीद हैं कि उनकी जायज़ मांगों पर समिति न्यायसंगत विचार कर निर्णय लेगी।
आवेदकों का आरोप है कि युक्तियुक्तकरण के दौरान कई शिक्षकों के साथ बेहद अन्याय हुआ है. उन्हें बगैर समय दिए सीधे काउंसिलिंग में बुलाया गया। खाली जगहों को छिपा कर रखा गया, मनमाने तरीके से दिखाए गए स्थानों को ही लेने के लिए बाध्य किया गया। कई मामलों में जूनियर शिक्षकों को लाभ पहुंचाते हुए सीनियर शिक्षकों को अतिशेष घोषित कर ट्रांसफर कर दिया गया। इतना ही नहीं कई महिला शिक्षकों को जिले से बाहर पदस्थापना दे दी गई हैं। शिक्षकों का कहना है कि ट्रांसफर प्रक्रिया में अधिकारियों ने परिजनों को लाभ पहुंचाने के लिए मनमानी की। संविलियन के पूर्व तबादले पर रायपुर में आये आये शिक्षकों की सीनियरिटी भी जान बूझकर नहीं घटाई गई न ही निम्न पद से उच्च पद पर चयनित वर्ष की अवधि घटाई गई हैं। इसके चलते एक ही स्कूल में कार्यरत शिक्षकों की सीनियरटी में भारी अंतर आ गया हैं। प्राचार्य और प्रधान पाठकों ने मनमाने तरीके से अपने परिचितों को अतिशेष होने से बचा लिया हैं। उम्मीद की जा रही हैं ऐसे लोगों को समिति से न्याय मिलेगा ,
अब तक की कार्यवाही
संभाग स्तरीय समिति के अध्यक्ष व संभागायुक्त महादेव कावरे ने जानकारी दी कि अब तक 3 जिलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है. वर्तमान में 2 जिलों की सुनवाई जारी है और कुल 530 प्रकरण समिति के समक्ष पहुंचे हैं. इनमें से अब तक 275 प्रकरणों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है. समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक आवेदन पर अलग-अलग निर्णय लिया जाएगा. शिक्षकों की मांग है कि न्यायसंगत तरीके से युक्तियुक्तकरण की गड़बड़ियों को दूर किया जाए।
