July 1, 2026

CG : बुलडोजर के बाद भरोसे का दावा, 60 परिवारों को मिला नया आशियाना, सरकार बोली नहीं होगा अन्याय

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई के बाद उठे सवालों के बीच अब जिला प्रशासन ने विस्थापितों के पुनर्वास की तस्वीर सामने रखी है. प्रशासन का दावा है कि बेघर हुए पात्र परिवारों को नया रायपुर में बसाया जा रहा है. 60 परिवारों को सेक्टर-30 के ईडब्ल्यूएस आवासों में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां बिजली, पानी और भोजन जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं. सरकार का कहना है कि किसी भी जरूरतमंद के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.

मलबे से नए आशियाने तक, 60 परिवारों का हुआ पुनर्वास
नकटी गांव में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने पुनर्वास की प्रक्रिया तेज कर दी है. प्रशासन के अनुसार, धरसींवा विकासखंड के ग्राम सम्मानपुर (नकटी) के 60 पात्र परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस आवासों में सफलतापूर्वक बसा दिया गया है.प्रभावित परिवारों को व्यवस्थित तरीके से नए घरों में पहुंचाया गया, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके.

बिजली, पानी और भोजन का भी इंतजाम
प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है. सेक्टर-30 स्थित आवासों में बिजली, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं. इसके अलावा प्रभावित परिवारों के लिए रात के भोजन के साथ-साथ अगले दिन के नाश्ते, दोपहर और रात्रि भोजन की भी व्यवस्था की गई है, ताकि विस्थापित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.

प्रशासन ने दी सफाई
जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी प्रभावित लोगों को पुनर्वास का लाभ नहीं दिया गया है.अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मामलों में केवल बाउंड्रीवाल का निर्माण पाया गया, जबकि संबंधित परिवारों का गांव में पहले से अपना मकान मौजूद है. निर्धारित पुनर्वास नीति और मानकों के अनुसार ऐसे मामलों में आवास आवंटित नहीं किए गए हैं.

‘विधायक अनुज शर्मा का भरोसा’
इस पूरे मामले पर स्थानीय विधायक अनुज शर्मा ने भी सरकार का पक्ष रखा है. सरकार हर जरूरतमंद परिवार की चिंता कर रही है.

प्रशासन ने पहुंचाई राहत
नकटी गांव की बुलडोजर कार्रवाई ने जहां कई सवाल खड़े किए, वहीं अब प्रशासन पुनर्वास की तस्वीर दिखाकर राहत का संदेश देने की कोशिश कर रहा है. सरकार का दावा है कि पात्र परिवारों को नया आशियाना, मूलभूत सुविधाएं और हर संभव मदद दी जा रही है. हालांकि, जिन परिवारों को पुनर्वास का लाभ नहीं मिला है, उनके सवाल अभी भी बरकरार हैं. अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि पुनर्वास का यह वादा जमीन पर कितना सफल साबित होता है.

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