March 28, 2026

सरगुजा ओलंपिक महोत्सव शुरू: गीता फोगाट ने कहा-बेटियां, बेटों से कम नहीं हैं पैरेंट्स उनका सहारा बनें, वे हर मुकाम हासिल करेंगी

SARGUJA-OLYMPIC

सरगुजा। देश की नामचीन पहलवान गीता फोगाट ने कहा कि बेटियां हुनर में बेटों से कम नहीं हैं। पैरेंट्स से अपील- आप बेटियों को आगे बढ़ाइए, सहारा बनिए, सपोर्ट कीजिए। हर गांव की बेटी वो मुकाम हासिल कर सकती है, जितने बड़े उसने सपने देखे हैं। मां महामाया की नगरी सरगुजा में फोगाट ने संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक 2026 के शुभारंभ समारोह में बतौर मेहमान हिस्सा लिया।

लड़कियों ने हिस्सेदारी ने खुशी दोगुनी कर दी- फोगाट
अर्जुन अवॉर्डी पहलवान गीता फोगाट ने कहा कि जब मुझे पता पड़ा कि इन खेलों में लड़कों से ज्यादा लड़कियां भाग ले रही हैं तो मेरी खुशी दोगुनी हो गई। जब ऐसा खेल आयोजन होते हैं तो खिलाड़ियों के सपने होते हैं कि वे ओलंपिक में खेलें और मेडल जीतकर आएं।

बड़े सपने देखें और मेहनत करें
उन्होंने कहा मैं भी हरियाणा के एक छोटे से गांव से आती हूं। जिस तरह से आज आप खेलों में भाग ले रहें हैं। इसी तरह हमने अपने खेल की शुरुआत की थी। फोगोट ने कहा कि हमारे पिता का समना था कि एक दिन हमारी बेटियां ओलंपिक खेलों में भाग लें और मेडल जीतें।

‘ओलंपिक में छत्तीसगढ़ से कोई खिलाड़ी खेले और जीते’
ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली देश की पहली महिला पहलवान फोगाट ने कहा कि आप जितने बड़े सपने देखते हो और फिर मेहनत करते हो, जी-जान लगा देते हो तो वो कोई मुकाम नहीं जिसे हासिल नहीं करते। फोगाट ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह से इन खेलों का आयोजन किया है वो रुकना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा मैं उम्मीद करती हूं कि आने वाले ओलंपिक खेलों में छत्तीसगढ़ से भी कोई खिलाड़ी हिस्सा ले और देश को ओलंपिक में मेडल जिलाए।

गांव की हर बेटी बड़ा मुकाम हासिल कर सकती है- फोगाट
फोगाट ने खिलाड़ियों के पैरेंट्स से अपील की कि अपनी बेटियों को किसी भी तरह से बेटों से कम ना आंकें, क्योंकि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। बेटियों को आगे बढ़ाइए, उनका सहारा बनिए। उनको सपोर्ट कीजिए।उन्होंने कहा कि हम बेटियां यदि समाज और दुनिया से लड़ कर के इस मुकाम पर पहुंच सकते हैं तो वो हर एक बेटी गांव से निकल कर बड़ा मुकाम हासिल कर सकती है।

हारने पर दोगुनी मेहनत से कॉम्पटीशन में उतरें
फोगाट ने कहा कि हम जीतते हैं तो खुशी होती है, लेकिन यदि किसी कॉम्पटीशन में हार जाएं तो निराश नहीं होना। आप दोगुनी मेहनत करके अपनी कमजोरियों को दूर करें, मैं दावे के साथ कह सकती हूं कि आप अगले कॉम्पटीशन में जरूर गोल्ड मेडल जीतेंगे।

‘ओलंपिक में मेडल जिताने का नशा कीजिए’
कॉमनवेल्थ 2010 की गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान फोगाट ने कहा कि सभी युवा खेलों में खूब भाग लेते रहें और नशे से दूर रहें। समाज की बुरी चीजों से दूर रहें। और यदि आप नशा करना चाहते हैं तो खेलों, स्पोर्ट्स का कीजिए और नशा कीजिए देश को ओलंपिक में मेडल जिताने का। जिससे हम सभी को बेहद खुशी और गर्व होगा।

12 खेल, 2190 खिलाड़ी
21 से 23 मार्च तक तीन दिवसीय संभाग स्तरीय सरगुजा ओलंपिक में 12 खेलों में 2190 बालक-बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। जिसमें 1044 महिला और 1146 पुरुष शामिल हैं। यह प्रतियोगिता दो आयु वर्ग अंडर-17 और ओपन वर्ग में हो रही है। व्यक्तिगत स्पर्धा के विजेताओं (प्रथम, द्वितीय व तृतीय) को क्रमश: 5 हजार, तीन हजार और 2 हजार तथा टीम इवेंट विजेताओं (प्रथम, द्वितीय व तृतीय) को क्रमश: 10 हजार, 6 हजार और 4 हजार रुपए का नकद इनाम दिया जाएगा। साथ में प्रमाण-पत्र और ट्रॉफी दी जाएगी।

विजेताओं को मिलेगी स्कॉरशिप
इन खेलों में विजेताओं में खेल छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। सीनियर वर्ग में हर विजेता को 6 हजार रुपए और जूनियर वर्ग में 2400 रुपए की स्कॉरशिप दी जाएगी।

ओलंपिक में ये खेल शामिल
सरगुजा ओलंपिक में कबड्डी, खो-खो, तीरंदाजी, फुटबॉल, वॉलीबॉल, हॉकी, कुश्ती, दौड़, बैडमिंटन, रस्साकसी समेत 12 खेल विधाओं में प्रतियोगिता आयोजित होंगी।

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