May 13, 2026

CG : शराब घोटाले में ACB-EOW का बड़ा एक्शन, CSMCL ओवर टाइम मामले में 8 आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा जेल

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रायपुर। राजधानी रायपुर में CSMCL ओवर टाइम घोटाला मामले ने बड़ा रूप ले लिया है। ACB-EOW ने कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

आरोप है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवर टाइम भुगतान के नाम पर मैन पावर एजेंसियों को करीब 115 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा खेल विभागीय अधिकारियों और प्लेसमेंट एजेंसियों की मिलीभगत से किया गया। मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। जांच एजेंसी अब दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच कर रही है।

प्लेसमेंट एजेंसी संचालक और प्रतिनिधि गिरफ्तार
मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्लेसमेंट एजेंसी के संचालक और उनके प्रतिनिधि शामिल बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि ये सभी आरोपी मैन पावर सप्लाई से जुड़े हुए थे और इन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी तरीके से ओवर टाइम भुगतान का बड़ा नेटवर्क तैयार किया।

बताया जा रहा है कि कर्मचारियों के नाम पर अतिरिक्त भुगतान दिखाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया। ACB-EOW ने आरोपियों से पूछताछ के बाद कई अहम दस्तावेज और जानकारियां जुटाई हैं। एजेंसी का कहना है कि घोटाले की रकम और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।

EOW रिमांड खत्म होने पर कोर्ट में पेशी
सभी आरोपी ईओडब्ल्यू की रिमांड पर थे और रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। जांच अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे घोटाले को अंजाम दिया था। जांच एजेंसी अब वित्तीय रिकॉर्ड, भुगतान फाइलों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी।

ACB-EOW की कार्रवाई से मचा हड़कंप
CSMCL ओवर टाइम घोटाले में हुई कार्रवाई के बाद रायपुर समेत पूरे प्रदेश में चर्चा तेज हो गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ ACB-EOW की इस बड़ी कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर अहम माना जा रहा है। जांच एजेंसी लगातार ऐसे मामलों पर नजर बनाए हुए है जहां सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। राजनीतिक हलकों में भी इस घोटाले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।

जांच के दायरे में आ सकते हैं और लोग
जांच एजेंसी की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में और लोगों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच में कुछ विभागीय अधिकारियों और अन्य एजेंसियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।

ACB-EOW वित्तीय दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घोटाले की राशि किन-किन लोगों तक पहुंची। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल CSMCL ओवर टाइम घोटाला प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल हो गया है और लोग अब जांच के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं।

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