January 22, 2026

गिल ने जीता दिल, एजबेस्टन में शतक जड़कर रचा इतिहास, कोहली-अजहरुद्दीन के क्लब में हुए शामिल

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एजबेस्टन। बतौर कप्तान अपने पहले टेस्ट में टीम को जीत दिलाने में नाकाम रहने के बावजूद शुभमन गिल ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन जारी रखा हुआ है. पहले टेस्ट में शतक जड़ने के बाद भारतीय कप्तान ने दूसरे टेस्ट में भी पहले दिन ही शतक जड़ दिया. ये उनके टेस्ट करियर का सातवां शतक था.

हेडिंग्ले में उन्होंने पहली पारी में 147 रनों की पारी खेली. इसी सिलसिले को जारी रखते हुए गिल ने एजबेस्टन में पहली पारी में नाबाद 114 रनों की पारी खेलकर अपना सातवां टेस्ट शतक जड़ा और देश के पांचवें सबसे युवा कप्तान बन गए. अगर अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो यह उनका 16 वां शतक है.

उल्लेखनीय है कि पंजाब के इस बल्लेबाज ने इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट मैचों में शतक जड़े. इसके साथ ही वह मोहम्मद अजहरुद्दीन और विराट कोहली जैसे दिग्गजों के साथ कई विशिष्ट क्लबों में शामिल हो गए. आइए एक नजर डालते हैं भारतीय कप्तान गिल ने नाबाद शतकीय पारी खेलकर कौन सी उपलब्धियां हासिल की हैं.

इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट शतक
गिल इंग्लैंड के खिलाफ लगातार तीन टेस्ट मैचों में शतक जड़ने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए. पंजाब के इस क्रिकेटर ने धर्मशाला (2024) और लीड्स (2025) और एजबेस्टन (2025) में इंग्लैंड के खिलाफ पिछले दो टेस्ट मैचों में शतक बनाए. गिल यह उपलब्धि हासिल करने वाले मोहम्मद अजहरुद्दीन, दिलीप वेंगसरकर और राहुल द्रविड़ के बाद चौथे खिलाड़ी बन गए हैं.

टेस्ट में लगातार शतक जड़ने वाले चौथे भारतीय कप्तान
इसके अलावा गिल भारतीय कप्तान के तौर पर अपना दूसरा शतक जड़कर विराट कोहली की बराबरी की. गिल कोहली, सुनील गावस्कर और विजय हजारे के बाद लगातार टेस्ट में शतक जड़ने वाले चौथे भारतीय कप्तान बन गए हैं.

एजबेस्टन में शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय कप्तान
शुभमन गिल एजबेस्टन में शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय कप्तान बन गए. इससे पहले, विराट कोहली 2018 में इस मैदान पर शतक लगाने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान थे.

इंग्लैंड में लगातार मैचों में शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय कप्तान
शुभमन गिल मोहम्मद अजहरुद्दीन के बाद इंग्लैंड में लगातार मैचों में शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय कप्तान भी बने. इसके अलावा वो SENA देशों में टेस्ट में लगातार दो शतक लगाने वाले तीसरे भारतीय कप्तान भी हैं. इस से पहले 1990 में ये कारनामा अजहरुद्दीन ने न्यूजीलैंड और इंग्लैंड में अंजाम दिया फिर उसके बाद विराट कोहली ने 2014/15 में ऑस्ट्रेलिया में ये उपलब्धि हासिल की.

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