March 13, 2026

छत्तीसगढ़ में अफीम की खेती पर सख्त हुए CM साय, सभी कलेक्टरों को 15 दिन में सर्वे रिपोर्ट देने के निर्देश, दुर्ग मामले में चौथा आरोपी पकड़ाया

cm afim

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल ही में अवैध अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने जिलों में संभावित क्षेत्रों का व्यापक सर्वे कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य के किसी भी हिस्से में अवैध रूप से अफीम की खेती न हो रही हो। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट और प्रमाण पत्र शासन को सौंपें।

मादक पदार्थों पर जीरो टॉलरेंस नीति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार अवैध मादक पदार्थों के उत्पादन और कारोबार को लेकर पूरी तरह सख्त है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी जिले में अगर अवैध अफीम की खेती पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

भू-अभिलेख आयुक्त ने जारी किया पत्र
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी किया है। इस पत्र में कहा गया है कि जिलों में सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी अवैध अफीम की खेती नहीं हो रही है। इसके साथ ही सभी कलेक्टरों से यह भी कहा गया है कि वे अपने जिले में अफीम की खेती नहीं होने संबंधी प्रमाण पत्र भी उपलब्ध कराएं।

दुर्ग अफीम कांड में चौथा आरोपी गिरफ्तार
इधर दुर्ग जिले में सामने आए अफीम खेती मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में चौथे आरोपी को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी छोटू राम ने अफीम की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराए थे। समोदा-झेंझरी क्षेत्र के खेतों में करीब पांच एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध अफीम की खेती की गई थी। पुलिस के अनुसार बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

शिकायत करने वाले सरपंच ने मांगी सुरक्षा
दुर्ग जिले में अफीम खेती की शिकायत करने वाले समोदा गांव के सरपंच अरुण गौतम ने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने इस संबंध में दुर्ग के एसएसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। सरपंच का कहना है कि अवैध खेती की शिकायत करने के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी विनायक ताम्रकार समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की आगे जांच जारी है।

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