भारत के 4 मोस्ट वॉन्टेड नक्सली अब भी फरार, डेडलाइन के आखिरी हफ्ते में जानें सबका पूरा सच
नईदिल्ली। भारत में नक्सलवाद के खात्मे की तय डेडलाइन 31 मार्च 2026 में महज एक सप्ताह बचा है, लेकिन चार बड़े नक्सली चेहरे अब भी सुरक्षाबलों की पकड़ से दूर हैं. इन्होंने हथियार नहीं डाले हैं. ये वही नाम हैं, जिन्होंने वर्षों तक जंगलों में दहशत का साम्राज्य खड़ा किया और बड़े हमलों को अंजाम दिया. अब सुरक्षा बलों ने इनकी तलाश तेज कर दी है. ऐसे में पूरे देश की नजर अब इन्हीं चार पर टिक गई है.
कभी जंगलों में अपनी समानांतर सत्ता चलाने का दावा करने वाले ये चेहरे अब खुद सुरक्षा एजेंसियों के सबसे बड़े टारगेट बन चुके हैं. इनकी गिरफ्तारी, सरेंडर या मुठभेड़ में अंत नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सबसे बड़ा मोड़ साबित हो सकता है.
डेडलाइन 31 मार्च 2026 से पहले सुरक्षाबलों का फोकस चार बड़े नक्सली नेताओं गणपति, मिशिर बेसरा, पापा राव और सुकरु पर है. इनकी गिरफ्तारी या खत्म होना नक्सलवाद के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता साबित हो सकता है.
किन चार नक्सलियों पर टिकी है नजर?
सुरक्षाबलों के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती चार बड़े नाम हैं गणपति, मिशिर बेसरा, पापा राव और सुकरु. ये चारों नक्सली संगठन के अलग-अलग हिस्सों में मजबूत पकड़ रखते हैं और लंबे समय से बड़े हमलों की साजिश और क्रियान्वयन में शामिल रहे हैं.
- गणपति: सबसे बड़ा रणनीतिकार
गणपति को नक्सलियों का सबसे बड़ा दिमाग माना जाता है. वह सेंट्रल कमेटी का एडवाइजर रह चुका है और उस पर करीब 3.6 करोड़ रुपये का इनाम है. 2004 से 2018 तक वह संगठन का महासचिव रहा और इस दौरान कई बड़े हमलों की योजना उसी के नेतृत्व में बनी. जहानाबाद जेल ब्रेक से लेकर दंतेवाड़ा हमले तक, कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया. - मिशिर बेसरा: ईस्टर्न रीजन का मास्टरमाइंड
मिशिर बेसरा नक्सलियों के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी का सदस्य है. उस पर करीब 1.30 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है. वह ईस्टर्न रीजनल ब्यूरो मिलिट्री का इंचार्ज भी रहा है और बड़े हमलों की प्लानिंग में उसकी अहम भूमिका मानी जाती है. झारखंड में हुए कई बड़े हमलों के पीछे उसका दिमाग बताया जाता है. - पापा राव: दंडकारण्य का कमांडर
पापा राव छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में सक्रिय एक बड़ा नक्सली कमांडर है. उस पर करीब 50 लाख रुपये का इनाम है. दंडकारण्य स्पेशल ज़ोनल कमेटी से जुड़े इस नेता की जिम्मेदारी संगठन में भर्ती बढ़ाने और नेटवर्क मजबूत करने की रही है. सुरक्षा बलों पर हमलों में भी उसकी भूमिका सामने आती रही है. - सुकरु: लोकल नेटवर्क का एक्सपर्ट
सुकरु ओडिशा में सक्रिय नक्सली कमांडर है और उस पर करीब 55 लाख रुपये का इनाम है. वह लोकल नेटवर्क तैयार करने और छोटे-छोटे ऑपरेशन्स को अंजाम देने में माहिर माना जाता है. हाल ही में सरेंडर करने वाले नक्सलियों को टारगेट करने की घटनाओं में भी उसका नाम सामने आया है.
आखिरी सप्ताह क्यों हैं अहम?
नक्सलवाद के खात्मे की तय समयसीमा में अब सिर्फ कुछ दिन बचे हैं. ऐसे में इन चार बड़े चेहरों पर कार्रवाई को अभियान की सफलता की कुंजी माना जा रहा है. सुरक्षा बल लगातार जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं और खुफिया इनपुट के आधार पर दबाव बढ़ाया जा रहा है.
