रायगढ़ में दोबारा अफीम की खेती का खुलासा, तमनार के बाद अब यहां उगाई जा रही थी नशे की फसल
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के दुर्ग और बलरामपुर के बाद रायगढ़ के तमनार में अफीम की खेती किए जाने का खुलासा होने से मचा हड़कंप, अभी शांत भी नहीं हुआ था कि रायगढ में एक और जगह अफीम की खेती किए जाने की बात सामने आई है. जिले में बैक-टू-बैक मिल रहे अफीम के खेत से कानून व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा है. इन मामलों ने पुलिस और राजस्व विभाग के खुफिया तंत्र की पोल खोलकर रख दी है. सूत्रों के मुताबिक घटगांव ग्राम में तीन खेतों में अफीम कि खेती मिलने कि सूचना मिली है.
भाजपा नेता के जरिए खेत तक पहुंची पुलिस, जिम्मेदार रहे बेखबर
ताजा मामले में हैरानी की बात यह है कि इस अवैध खेती का पता प्रशासन को नहीं था. बल्कि भाजपा नेता रवि भगत को इसका पता चला. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से घटगांव में लहलहा रही अफीम की फसल की जानकारी सार्वजनिक की. उनके इस खुलासे के बाद प्रशासनिक अमले में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया. आनन-फानन में टीम को सक्रिय होना पड़ा.
3 दिन के भीतर दूसरा बड़ा मामला
महज 72 घंटे पहले ही तमनार थाना क्षेत्र के आमघाट में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती पकड़ी गई थी. रायगढ़ जिले में एक ही हफ्ते के भीतर दो अलग-अलग क्षेत्रों में अफीम का मिलना यह संकेत दे रहा है कि रायगढ़ में अवैध मादक पदार्थों की खेती का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है.
पुराने मामले के 2 आरोपी की गिरफ्तारी
3 दिन पूर्व आमाघाट के खर्राघाट भैर नाला किनारे स्थित भूमि पर आरोपी मार्शल संगा द्वारा अवैध रूप से अफीम की खेती की जाने की बात सामने आई थी. जिसपर तत्काल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की, जहां एएनटीएफ टीम को खेत में कुल 60,326 अफीम के पौधे मिले थे. जिनका वजन 2877 किलोग्राम था. पूछताछ में मुख्य आरोपी मार्शल संगा ने अपने साथियों एमानुएल भेंगरा और सीप्रियन भेंगरा के सहयोग से इस अवैध खेती को अंजाम देना स्वीकार किया था. आरोपी के मेमोरण्डम के आधार पर उसके ठिकाने से 3.02 किलोग्राम अफीम (कीमत लगभग 15 लाख 10 हजार) भी बरामद की गई थी. रायगढ़ पुलिस ने झारखंड पहुंचकर स्थानीय पुलिस की सहायता से मामले के अन्य दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई.
