January 23, 2026

मौत के तीन साल बाद अपनी 10 एकड़ जमीन बेचने पहुंच गई महिला! नजारा देख हिल गए अधिकारी

surraj

सूरजपुर। राजस्व विभाग में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़ों का मामला कोई नया नहीं है। आए दिन कोई न कोई मामला सामने आता रहता है। इन मामलों में तारीख पर तारीख चलती रहती है और रसूखदारों के चलते सुनवाई होती नहीं और मामला लंबा खींचता रहता है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप हैरत में पड़ जाएंगे और कहीं न कहीं खुद को भी सचेत करने का प्रयास करेंगे।

10 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा
हम बात कर रहे हैं ऐसे मामले की, जिसमें लगभग तीन साल पहले मृत आदिवासी महिला की जगह दूसरी जाति की महिला की मदद से लगभग 10 एकड़ भूमि फर्जी आधार कार्ड बनाकर बेच दी गई। जब इसकी जानकारी उस महिला को पड़ी, जो वास्तव में जमीन की देखभाल कर रही है तो उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई।

2018 में हुई थी मौत
दरअसल, सूरजपुर जिले के भटगांव तहसील अंतर्गत आने वाले सोनपुर गांव की रहने वाली ऋषि बाई की साल 2018 में मृत्यु हो गई थी, जिसके नाम पर लगभग 10 एकड़ भूमि थी। उसके पति का नाम बलिराम जाति उरांव था उसकी भी मौत हो गई। इसी बात का फायदा उठाकर धोखेबाजों ने बसदेई चौकी के नरेशपुर (नमाद) गांव की रहने वाली बच्ची बाई को रुपये का लालच देकर उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाया, जिसमें उसका नाम ऋषि बाई पति बलिराम जाति उरांव बताया।

इसके बाद उक्त जमीन को श्यामा देवी पति मानसिंह जाति गोंड को बेच दी। श्यामा देवी बलरामपुर जिले के रामानुजगंज थाना क्षेत्र के मितगई गांव की रहने वाली है। जब इस बात की जानकारी रामेश्वरी पैकरा को लगी, जो उक्त भूमि पर निवासरत है और जिनके पिता रामशरण ने भूमि को ऋषि बाई पति बलिराम भगत को दिया था, तो उसके पैरों तले जमीन ही खिसक गई।

मामले की जांच शुरू
वहीं, जब इसकी जानकारी जनपद सदस्य के पति को हुई, तो उन्होंने एसपी ऑफिस पहुंचकर इस फर्जीवाड़े की शिकायत की। गांव के सरपंच ने भी फर्जीवाड़े की बात कही है। वहीं, इसको लेकर एडिशनल एसपी संतोष महतो ने कहा कि शिकायत आई है, जिसे करंजी चौकी में भेजा गया है। इस मामले में कानून के अनुसार तथ्यात्मक जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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