CG : दो पुलिसकर्मियों पर कमिश्नर का एक्शन, पॉक्सो केस की जांच में सेटिंग करने वाली लेडी कांस्टेबल सस्पेंड, वसूलीबाज आरक्षक लाइन अटैच
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस कमिश्नर ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध धन उगाही और गंभीर आपराधिक मामलों की जांच में हेरफेर करने के आरोप में एक महिला आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक अन्य आरक्षक को लाइन अटैच किया गया है। पुलिस प्रशासन के इस कड़े कदम से विभाग में हड़कंप मच गया है। दोनों ही मामलों में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है और भविष्य में सेवा समाप्ति जैसी कड़ी कार्रवाई की भी संभावना जताई जा रही है।
पुलिस कमिश्नर ने लिया एक्शन
रायपुर पुलिस के आला अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ताजा मामले में कबीर नगर और गंज थाने में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों के कारनामे सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
पॉक्सो एक्ट की जांच में ‘सेटिंग’
कबीर नगर थाने में पदस्थ महिला आरक्षक चंद्रकला साहू पर एक गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, एक पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के मामले की जांच के दौरान महिला आरक्षक ने आरोपी पक्ष से पैसे लेकर पीड़िता के बयान में बदलाव करने की कोशिश की थी। न्याय प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ और पद के दुरुपयोग का मामला पुख्ता होते ही कमिश्नर ने उन्हें निलंबित (Suspend) कर दिया है।
छोटे व्यापारियों से अवैध वसूली
दूसरा मामला गंज थाने का है, जहाँ आरक्षक केशव सिन्हा अपनी वर्दी का धौंस दिखाकर इलाके के छोटे दुकानदारों और होटल संचालकों को डराता-धमकाता था। आरोप है कि केशव सिन्हा वसूली के लिए कारोबारियों को जबरन लॉकअप में बंद करने का डर दिखाता था। परेशान व्यापारियों ने इसकी गुप्त शिकायत पुलिस कमिश्नर से की थी। प्राथमिक जांच में आरोपों को सही पाते हुए कमिश्नर ने केशव सिन्हा को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है।
पुलिस कमिश्नर की कड़ी चेतावनी
वर्दी की आड़ में अपराध करने वालों के खिलाफ विभाग अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है। दोनों ही पुलिसकर्मियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, जांच रिपोर्ट के आधार पर बड़ी विभागीय कार्रवाई तय है।
