CG : 64 साल में पहली बार मई में पहुंचा मानसून; नौतपे के बीच 16 दिन पहले दी दस्तक, सभी जिलों में यलो अलर्ट
रायपुर। छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में इस बार मानसून (Monsoon) ने इतिहास रच दिया है। मौसम विभाग (Weather Department) की मानें तो 64 साल के रिकॉर्ड में पहली बार ऐसा हुआ है कि मानसून ने मई के महीने में दस्तक दी है। आमतौर पर मानसून की एंट्री की नॉर्मल डेट 13 जून (13 June) होती है, लेकिन इस बार यह 16 दिन पहले यानी मई में ही प्रदेश में पहुंच गया।
वर्ष 1971 में 1 जून को मानसून आया था, लेकिन 2025 में यह रिकॉर्ड भी टूट गया। इस बार मानसून जगदलपुर (Jagdalpur) से प्रदेश में प्रवेश कर चुका है और अगले दो दिनों में रायपुर (Raipur) पहुंचने की संभावना है। इसके बाद यह अंबिकापुर (Ambikapur) की ओर बढ़ेगा।

मई में ही औसत से 10 गुना ज्यादा पानी बरसा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 6 दिनों में छत्तीसगढ़ में करीब 4,380 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जबकि सामान्यतः मई में केवल 430 से 450 मिमी बारिश होती है। इसका मतलब यह है कि इस बार मई में औसत से 9.73 गुना ज्यादा पानी गिरा है। इसने किसानों और आम लोगों दोनों को चौंका दिया है।
सभी जिलों में यलो अलर्ट
गुरुवार के लिए मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में यलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। खासतौर पर बस्तर संभाग (Bastar Division) के सातों जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 13 जिलों में कुछ स्थानों पर और 6 जिलों में कई इलाकों में बारिश हो सकती है। वहीं अन्य जिलों में भी एक-दो स्थानों पर बारिश की संभावना है।

बारिश की रफ्तार में उतार-चढ़ाव
बारिश की रफ्तार पिछले सात दिनों में कभी तेज तो कभी धीमी रही है। उदाहरण के तौर पर शुक्रवार को 30 से ज्यादा इलाकों में बारिश हुई थी, जबकि शनिवार को यह संख्या घटकर 12 हो गई थी।
सोमवार को केवल 17 स्थानों पर पानी गिरा, लेकिन बुधवार को यह आंकड़ा 75 स्थानों तक पहुंच गया, जहां न्यूनतम 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान की बात करें तो बुधवार को सबसे ज्यादा तापमान बिलासपुर (Bilaspur) में 36.6°C दर्ज हुआ, वहीं सबसे कम पेंड्रा रोड (Pendra Road) में 22.8°C रहा।
