January 23, 2026

छत्तीसगढ़ में बालवाड़ी से लेकर स्कूलों तक होंगे बड़े बदलाव, मंत्री गजेंद्र यादव बोले- नया सिस्टम लाने की तैयारी

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षामंत्री गजेंद्र यादव 3 दिनों के लिए गुजरात दौरे पर थे. बुधवार को गुजरात से वापस होने के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत है. छत्तीसगढ़ में भी गुजरात की तर्ज पर शिक्षा का मॉडल लागू किया जाएगा. जिससे शिक्षा को एक नई दिशा मिलेगी.

डिजिटल प्रणाली लागू होगी: गुजरात प्रवास के दौरान गांधीनगर स्थित विद्या समीक्षा केंद्र का गजेंद्र यादव ने दौरा किया था. शिक्षा में तकनीक और नवाचार के इस्तेमाल को लेकर बारीकी से अध्ययन किया गया. उन्होंने बताया कि गुजरात में शिक्षा की निगरानी के लिए डिजिटल प्रणाली अपनाई गई है जो बेहद कारगर और प्रभावशाली है. ऐसे में इस डिजिटल प्रणाली को छत्तीसगढ़ में भी लागू किया जाएगा.

बालवाड़ी से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूल तक के बच्चों को हम अंतरिक्ष विज्ञान से कैसे जोड़ सकते हैं. उसका निरीक्षण गुजरात के गांधीनगर में किए हैं. वहां की तकनीक को देखने से यह बात समझ में आई कि कई स्कूलों में जहां पर शिक्षकों की कमी होती है उस कमी को ऑनलाइन ई क्लास के माध्यम से कैसे पूरा कर सकते हैं- गजेंद्र यादव स्कूल शिक्षा मंत्री

ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी: मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि, कई बार स्कूलों में शिक्षक समय पर नहीं पहुंचते और कई शिक्षक स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं. उनको हम ऑनलाइन मॉनिटरिंग कैसे कर सकते हैं. कौन टीचर, कब कहां और किस विषय को पढ़ा रहा है. इसकी जानकारी आसानी से लग सकती है, गुजरात की ये व्यवस्था शानदार थी. इसे लागू करने की कोशिश करेंगे.

11 जगहों पर बनेंगे नालंदा परिसर: छत्तीसगढ़ के 11 स्थानो पर नालंदा परिसर बनाए जा रहे हैं, उसमें पीएससी यूपीएससी और नीट जैसे बड़े लेवल के ट्यूशन कोचिंग होंगे. छत्तीसगढ़ के शिक्षकों को भी वहां पर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा. गजेंद्र यादव ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू किए गए पीएम गतिशील पोर्टल को लेकर छत्तीसगढ़ में बेहतर तरीके से काम करेंगे.

पढ़ाई से ड्रॉप आउट का एवरेज कम करने पर फोकस: मंत्री ने आगे बताया कि, विद्या समीक्षा केंद्र एक बेहतरीन व्यवस्था है, इसमें कौन से स्कूल में कितने बच्चे पढ़ रहे हैं, कितने बच्चे प्राइमरी स्कूल में है, कितने बच्चे मिडिल स्कूल में है और कितने बच्चे हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ रहे हैं. इसकी जानकारी आसानी से मिल जाती है.

कई बच्चे प्राइमरी की पढ़ाई पूरी करने के बाद स्कूल छोड़ देते हैं. कुछ बच्चे मिडिल की पढ़ाई करते हैं उसके बाद छोड़ देते हैं. छत्तीसगढ़ की बात करें तो 44% बच्चे हाई स्कूल की परीक्षा पास करने के बाद स्कूल की पढ़ाई छोड़ देते हैं. ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्या विकास केंद्र के माध्यम से जो हमने देखा है. वही मॉडल छत्तीसगढ़ में भी लागू करेंगे.

इस तरह होगा ई-अटेंडेंस: गजेंद्र यादव ने बताया कि, पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 5 संभाग के पांच जिलों में इसे लिया गया है. वहां पर क्या और किस तरह की समस्या है इसकी जानकारी लेंगे. भविष्य में सभी स्कूलों को ई अटेंडेंस से जोड़ा जाएगा. स्कूल के टीचर स्कूल के 50 मीटर के दायरे में ऑनलाइन थंब करेंगे तो ऑटोमेटिक अटेंडेंस लग जाएगा. लेकिन जिन स्कूलों के आसपास या फिर जिन जगहों पर नेटवर्क की दिक्कत होगी वहां पर वह थंब लगा देंगे और नेटवर्क आने पर वह ऑटोमेटिक अटेंडेंस ले लेगा.

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