February 28, 2026

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला : निरंजन दास समेत 30 अफसरों की संपत्ति सीज, स्कैम के पैसे से एक्साइज अफसरों ने खरीदे बंगले-फ्लैट्स-म्यूचुअल फंड

sharab ghotala

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने तत्कालीन आबकारी आयुक्त IAS निरंजन दास समेत 30 आबकारी अफसरों की करीब 38.21 करोड़ रुपए की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

आबकारी विभाग को 2,800 करोड़ का नुकसान
ईडी की जांच में सामने आया है कि शराब घोटाले के कारण छत्तीसगढ़ के आबकारी विभाग को करीब 2,800 करोड़ रुपए का भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। ईडी का दावा है कि यह आंकड़ा अब तक सामने आई मनी ट्रेल और नए तथ्यों के आधार पर तय किया गया है, जबकि जांच आगे बढ़ने पर नुकसान की राशि और बढ़ सकती है।

अब तक 275 चल-अचल संपत्तियां जब्त
ईडी की जांच में सामने आया कि घोटाले के जरिए सरकारी व्यवस्था को दरकिनार कर बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की गई और इस काले धन को संपत्तियों और निवेश में खपाया गया। अब तक एजेंसी 275 चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर चुकी है।

कुर्क प्रॉपर्टीज में बंगले, फ्लैट, कृषि भूमि
कुर्क की गई संपत्तियों में आलीशान बंगले, पॉश कॉलोनियों में फ्लैट, व्यावसायिक परिसरों की दुकानें और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि शामिल हैं। वहीं चल संपत्तियों में करोड़ों रुपए की सावधि जमा (FD), कई बैंक खातों में जमा रकम, जीवन बीमा पॉलिसियां, शेयर और म्यूचुअल फंड में किया गया निवेश भी शामिल बताया गया है। ईडी ने संकेत दिए हैं कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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