हिड़मा के बाद मारा गया हार्ड कोर नक्सली गणेश उइके: ओडिशा के कंधमाल जंगलों में छिपा था 1 करोड़ का इनामी माओवादी
रायपुर। नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षाबलों को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दुर्दांत नक्सली कमांडर और एक करोड़ रुपये से अधिक का इनामी माओवादी गणेश उइके सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया है। यह एनकाउंटर ओडिशा के कंधमाल जिले के राम्पा जंगल इलाके में हुआ, जहां स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), सीआरपीएफ और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने यह निर्णायक कार्रवाई की।
केंद्रीय समिति का सदस्य था गणेश उइके
मारे गए नक्सली गणेश उइके माओवादियों की केंद्रीय समिति (CC Member) का सक्रिय सदस्य था और बस्तर डिवीजन में संगठन की रणनीति संभाल रहा था। हिड़मा के एनकाउंटर के बाद वह सुरक्षाबलों के लिए सबसे बड़ा टारगेट बन गया था। छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में उस पर एक करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित था।
घंटों चली फायरिंग में 5 नक्सली ढेर
सूत्रों के मुताबिक, ओडिशा पुलिस की SOG टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर कंधमाल के जंगलों में विशेष अभियान शुरू किया था। इसी दौरान नक्सलियों से आमना-सामना हुआ, जिसके बाद दोनों ओर से भारी गोलीबारी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में गणेश उइके समेत दो महिला नक्सलियों सहित कुल पांच माओवादियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। मौके से हथियार और अन्य नक्सली सामग्री भी बरामद की गई है।
सीनियर अधिकारियों की निगरानी में चला ऑपरेशन
इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन की मॉनिटरिंग खुद डीआईजी ऑपरेशन अखिलेश्वर सिंह और संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक द्वारा की जा रही थी। सुरक्षाबलों का कहना है कि यह कार्रवाई नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका है और इससे सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय माओवादी संरचना कमजोर होगी।
2025 बना नक्सल उन्मूलन का सबसे निर्णायक साल
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वर्ष 2025 नक्सल विरोधी अभियानों के लिहाज से अब तक का सबसे सफल साल साबित हो रहा है। जून में केशवराव उर्फ बसवराजू और इससे पहले हिड़मा के सफाए के बाद अब गणेश उइके का अंत नक्सली संगठन के मनोबल को गहरा झटका देगा। आने वाले दिनों में बस्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाली की दिशा में यह एक अहम मोड़ माना जा रहा है।
