बेमेतरा : कबीरपंथियों ने कब्जा हटाने को लेकर कलेक्टर से की शिकायत, इस वजह से बढ़ा विवाद
बेमेतरा। बड़ी संख्या में कबीरपंथी समाज से जुड़े लोग शनिवार को कलेक्टर दफ्तर पहुंचे. नाराज लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन करने पहुंचे कबीरपंथी समाज से जुड़े लोगों का कहना था, ”श्री राम मंदिर समिति के द्वारा जमीन पर कब्जा किया गया है. जिस जमीन पर कब्जा किया गया है वहां पर कबीर भंडारा किया जाता रहा है.” नाराज लोगों की शिकायत सुनने के बाद तहसीलदार ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.
कबीरपंथी समाज का प्रदर्शन
समाज से जुड़े लोगों का कहना है, ”पूर्व में ही कबीरपंथी समाज और श्री राम मंदिर समिति के द्वारा ये तय किया गया था, कि खाली जमीन पर किसी तरह का कोई कब्जा नहीं होगा. जो जमीन खाली है उसका इस्तेमाल जरुरत के मुताबिक दोनों पक्ष करेंगे. कबीरपंधी समाज के लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इसको स्वीकार किया और कागज पर दस्तखत भी किए. लेकिन अब मंदिर समिति ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है.”
मंदिर समिति पर जमीन कब्जा करने का आरोप
जमीन कब्जे से जुड़ा ये पूरा विवाद ग्राम बहेरा, कारेसरा का है. गांव के लोगों का कहना है कि पूर्व में इसको लेकर विवाद हुआ था. विवाद पर जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई. दोनों पक्षों ने उस वक्त विवाद को खत्म करने पर आम सहमति जताई थी. कबीरपंथी समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि शासन हमारी शिकायतों पर ध्यान दे और कब्जे को हटवाए. समाज के लोगों का कहना है कि अगर समाधान नहीं निकलता तो वो उग्र आंदोलन के लिए तैयार हैं. तहसीलदार अनिरुद्ध् मिश्रा ने विवाद को जल्द सुलझाने की बात कही है.
2023 मेंं भी हुआ था विवाद
2023 में भी विवाद की स्थिति बनी थी. तब जिला प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच बैठक कराकर विवाद को खत्म किया गया था. दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखने पर सहमत हुए थे. उस वक्त लिखित में निर्देशित किया गया था कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी एक-एक झंडा पंचायत द्वारा निर्धारित भूखंड (2.5 डिसमिल) पर लगाएगें और इतने में ही निर्माण कार्य कर पाएगें.
इसके अलावा किसी भी प्रकार का कब्जा या निर्माण कार्य के लिए पंचायत और प्रशासन से कोई अनुमति नही दिया गया. बाकी मैदान सार्वजनिक उपयोग के लिए खुला रखने हेतु दोनों पक्षों के द्वारा सहमति से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे.
