नवाचार : बेमेतरा के दो सरकारी स्कूलों में चल रहे बच्चों के बैंक, आठ साल में 45 हजार रु का ट्रांजेक्शन हुआ
बेमेतरा । छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चों को गणित व बैंकिंग की जानकारी मिल सके, इसे लेकर दो सरकारी स्कूलों में बाल बैंक चल रहे हैं। इस बैंक में स्कूली बच्चों ने अपनी पॉकेट मनी बचाकर खाता खुलवाया है। इस राशि का उपयोग बच्चे अपनी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में करते हैं।
ये पहल साजा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बुधवारा के प्राथमिक स्कूल में नवपदस्थ महिला प्रधान पाठिका मैमूना सुल्ताना कर रही है। खास बात यह है कि ये जिस स्कूल में पदस्थ रही वहीं बाल बैंक प्रारंभ किया। ग्राम बुधवारा से पहले वे नगर पंचायत देवकर के प्राथमिक कन्या स्कूल में वर्ष 2017 से लेकर मई 2025 तक पदस्थ थी।
उन 8 साल में वे 300 से ज्यादा बच्चों का स्कूल के बाल बैंक में खाता खुलवाया। इस दौरान 45 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन भी हुआ। मैमूना ने बताया कि देवकर स्कूल में आज भी यह बैंक संचालित है,जहां बच्चे अपने पॉकेट मनी जमा करते है। उन्होंने बताया कि जब बच्चे दूसरे स्कूल में एडमिशन लेते है तो उनका टीसी के साथ बैंक खाता बंद कर देते है।
हालांकि, पढ़ाई के दौरान किसी भी बच्चे को शैक्षणिक सामग्री खरीदी की जरूरत हो तो वे निकाल सकते हैं। इस पूरे कार्य का स्कूल प्रशासन के साथ-साथ पालक भी देखरेख करते है।
साजा क्षेत्र के ब्लॉक स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) बीडी बघेल ने बताया कि मैमूना सुल्ताना ने वर्ष 2017 में देवकर से बाल बैंक को प्रारंभ किया, जो आज भी सक्रिय है। इसके बाद अब बुधवारा के प्राथमिक स्कूल में शुरू किया गया है। इस तरह की ये अच्छी पहल है। इससे बच्चों को बैंकिंग का ज्ञान मिल रहा है। इसके अलावा बच्चों को अपने रुपए की बचत का भी पाठ पढ़ाया जा रहा है।
बैंक में फिलहाल प्राथमिक स्कूल के कक्षा एक से 5 वीं तक के बच्चों का खाता खुलेगा। इन बच्चों के लिए मैमूना ने निशुल्क पासबुक दी है। रुपए को रखने के लिए पेटी का इंतजाम किया। बच्चे न्यूनतम 1 रुपए से खाता शुरू कर सकते है। रुपए जमा व निकाले जाने पर उनके पासबुक में एंट्री होती है।
किसी भी बच्चे को रुपए की जरूरत हो तो निकाल सकते हैं। कोई भी बच्चा स्कूल से टीसी कटवाता है तो पूरे पैसे वापस कर दिए जाएंगे। इसके अलावा कक्षा उत्तीर्ण होने के बाद उसके रुपए अगली कक्षा में जमा हो जाएंगे। हालांकि, किसी भी बच्चे को जमा पर ब्याज नहीं दिया जाएगा।
मैमूना 2025 के देवकर से प्रमोट होकर ग्राम बुधवारा में पदस्थ हुई है। उन्होंने वहां बैंक प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए यहां शाला विकास समिति, गांव के सरपंच, उपसरपंच व पालकों से अनुमति ली गई है। बैंक के लिए शाला विकास समिति ने प्रस्ताव किया है। यह बैंक स्कूल के शिक्षकों, पालकों व बच्चों के देखरेख में संचालित होगी। बच्चों द्वारा रुपए जमा व निकालने संबंधित सभी जानकारी समिति को दिया जाना अनिवार्य है। ताकि,रुपए के लेनदेन में पारदर्शिता रहे। अभी यहां के 26 बच्चों ने खाता खुलवाया है।
