August 31, 2026

सरहदें बंद, रिश्ते नहीं… 150 पाकिस्तानी हिंदू दुल्हनें पहुंचीं भारत, अब 600 को और लाने की तैयारी

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रायपुर। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव और अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने का असर दोनों देशों के बीच होने वाली शादियों और परिवारों पर भी पड़ा. भारत के युवकों से शादी करने वाली करीब 150 पाकिस्तानी हिंदू दुल्हनों का भारत आना मुश्किल हो गया था. ऐसे समय में रायपुर के शदाणी दरबार ने पहल करते हुए केंद्र सरकार से विशेष वीजा जारी करने की मांग की. गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद अप्रैल से जून के बीच करीब 150 पाकिस्तानी हिंदू दुल्हनें भारत पहुंच सकीं.

अब 600 पाकिस्तानी हिंदुओं की नई सूची तैयार
शदाणी दरबार ने अब करीब 600 पाकिस्तानी हिंदुओं की दूसरी सूची तैयार की है. इन लोगों के परिवार भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के बाद दो देशों में अलग-अलग हो गए थे. अब ये लोग अपने परिवारों से जुड़ना चाहते हैं. दरबार ने इन लोगों के लिए भी केंद्र सरकार से विशेष वीजा देने की मांग की है.

बताया गया है कि नई सूची में करीब 200 महिलाएं ऐसी हैं, जिनकी शादी भारत में हुई है और वे अपने पति या परिवार के पास आना चाहती हैं. इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं, जिनके परिजनों की पाकिस्तान में मौत हो चुकी है. वे अपने परिजनों की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के लिए भारत आना चाहते हैं.

परिवारों को दोबारा जोड़ने की कोशिश
शदाणी दरबार के पूर्व पीठाधीश्वर संत युधिष्ठिर लाल के मुताबिक, दरबार का उद्देश्य सिर्फ पाकिस्तानी हिंदू दुल्हनों को भारत लाना नहीं है. कोशिश उन परिवारों को दोबारा जोड़ने की है, जो बंटवारे के समय अलग हो गए थे. उन्होंने बताया कि कई परिवार ऐसे हैं, जिनका एक हिस्सा भारत आ गया, जबकि परिवार के दूसरे सदस्य पाकिस्तान में रह गए. समय बीतने के साथ इन परिवारों के बीच दूरी बढ़ती गई. अब नई सूची में ऐसे ही लोगों को शामिल किया गया है, जो भारत आकर अपने परिवार के साथ रहना चाहते हैं.

अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने से बढ़ी परेशानी
भारत-पाकिस्तान के बीच अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने के बाद दोनों देशों के बीच आवाजाही प्रभावित हुई है. इसका असर सबसे ज्यादा उन परिवारों पर पड़ा है, जिनके रिश्ते और शादियां दोनों देशों से जुड़ी हैं. भारत में शादी करने वाली कई पाकिस्तानी हिंदू महिलाओं के लिए भारत पहुंचना मुश्किल हो गया था. पहले जिन लोगों के लिए बॉर्डर के रास्ते यात्रा करना आसान था, उनके सामने अब वीजा और यात्रा को लेकर नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं. तीसरे देश के रास्ते भारत आने जैसे विकल्प भी आसान नहीं रह गए हैं. ऐसे में शदाणी दरबार ने केंद्र सरकार से विशेष वीजा के जरिए इन लोगों को भारत आने की अनुमति देने की मांग की है.

1968 से पाकिस्तानी हिंदुओं की मदद कर रहा दरबार
शदाणी दरबार की यह पहल नई नहीं है. दरबार लंबे समय से पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए काम करता रहा है. बताया गया है कि वर्ष 1968 से दरबार की ओर से पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के लिए विशेष तीर्थयात्रा वीजा की मांग की जाती रही है. दरबार से जुड़े लोगों के मुताबिक, हर साल पाकिस्तान से हिंदू श्रद्धालुओं को भारत लाने और तीर्थयात्रा कराने की प्रक्रिया में सहयोग किया जाता है. इस बार भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण वीजा प्रक्रिया प्रभावित हुई.

गृह मंत्रालय को भेजी गई दूसरी सूची
पहली सूची में शामिल करीब 150 पाकिस्तानी हिंदू दुल्हनों को विशेष वीजा मिलने के बाद भारत लाया जा चुका है. अब शदाणी दरबार ने दूसरी सूची तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी है. इस सूची में करीब 600 लोगों को शामिल किया गया है. दरबार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार इन लोगों के मामलों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी और विशेष वीजा जारी करने की अनुमति देगी. फिलहाल दूसरी सूची पर गृह मंत्रालय के फैसले का इंतजार है. अगर अनुमति मिलती है तो भारत और पाकिस्तान में बंटे कई परिवारों को दोबारा एक-दूसरे से मिलने और साथ रहने का मौका मिल सकता है.

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