CG : छात्रों का जानलेवा स्टंट; फेयरवेल पार्टी में लग्जरी गाड़ियों और ट्रैक्टर से स्टंटबाजी करना बना फैशन, आए दिन आ रहे ऐसे मामले
बलौदाबाजार। आजकल सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में जेन-जी छात्र खतरनाक ट्रेंड अपनाने से नहीं हिचक रहे हैं। बलौदाबाजार जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से सामने आए मामलों में देखा गया है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र फेयरवेल पार्टी के दिन नियमों को ताक पर रखकर जान जोखिम में डाल रहे हैं। लग्जरी कारों और ट्रैक्टरों पर स्टंट करते हुए स्कूल पहुंचना अब फैशन बनता जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक फेयरवेल पार्टी के दिन छात्र कारों के बोनट पर बैठकर, खिड़कियों से बाहर लटककर और ट्रैक्टरों पर खड़े होकर स्टंट करते नजर आए। कई वीडियो में साफ दिख रहा है कि तेज रफ्तार वाहनों पर बिना सुरक्षा के छात्र मस्ती कर रहे हैं। यह न सिर्फ उनकी जान के लिए खतरा है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी जोखिम भरा है।
कटगी में सामने आया पहला बड़ा मामला
कटगी क्षेत्र में शासकीय स्कूल के छात्रों की फेयरवेल पार्टी के दौरान 15 से 20 लाख रुपये कीमत की लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। इनमें से एक वाहन किराए का बताया गया, जबकि बाकी वाहन छात्रों के परिजनों के थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और 16 बालिग छात्रों सहित कुल 26 वाहन चालकों पर लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में चार आपराधिक मामले दर्ज किए गए। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया, जहां कुल 32 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
कसडोल के आत्मानंद स्कूल का वीडियो वायरल
दूसरा मामला कसडोल स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल से जुड़ा है। यहां फेयरवेल पार्टी के बाद छात्र तेज रफ्तार वाहनों में स्टंट करते हुए सड़कों पर दौड़ते दिखे। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। हालांकि खबर लिखे जाने तक किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी थी।
छेछर गांव की ताजा घटना
सबसे ताजा मामला ग्राम छेछर से सामने आया है, जहां छात्र ट्रैक्टर और कारों में स्टंट करते हुए स्कूल पहुंचे। इस वीडियो के वायरल होते ही स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों पर तुरंत रोक लगाई जानी चाहिए।
सख्त कार्रवाई की उठी मांग
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सरकारी स्कूलों में अनुशासन, छात्रों की सामाजिक जिम्मेदारी और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि सोशल मीडिया पर नाम कमाने की होड़ में छात्र जानलेवा कदम उठा रहे हैं। यदि स्कूल प्रबंधन और प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
