Market Open: कमजोर ग्लोबल संकेतों से सहमा भारतीय बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
मुंबई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की. वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और भू-राजनीतिक व्यापार तनाव बढ़ने के कारण निवेशकों में सतर्कता देखने को मिली. अमेरिका प्रशासन की ओर से यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की टिप्पणी से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव बना हुआ है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा.
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
सुबह 9:30 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 449 अंक यानी 0.54 फीसदी की गिरावट के साथ 83,120 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं एनएसई निफ्टी 148 अंक या 0.58 फीसदी फिसलकर 25,546 पर पहुंच गया. बाजार की चौड़ाई भी कमजोर रही और ज्यादातर शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया.
मिडकैप और स्मॉलकैप भी दबाव में
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ ब्रॉडर मार्केट में भी गिरावट रही. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.42 फीसदी और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.54 फीसदी की कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आया. इससे साफ है कि केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मझोले और छोटे शेयरों में भी निवेशक सतर्क रहे.
सेक्टोरल परफॉर्मेंस
सेक्टोरल आधार पर देखें तो एफएमसीजी को छोड़कर सभी सेक्टर लाल निशान में रहे. आईटी, मीडिया और ऑयल एंड गैस सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे और इनमें एक फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के चलते इन सेक्टरों में फिलहाल उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.
बाजार के तकनीकी स्तर
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी के लिए 25,600 और 25,450 के स्तर अहम सपोर्ट जोन हैं. वहीं ऊपर की ओर 25,875 के बाद 26,000 और 26,100 पर मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है. आने वाले दिनों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव की संभावना जताई जा रही है.
वैश्विक बाजारों का हाल
एशिया-पैसिफिक बाजारों में भी मिलाजुला लेकिन कमजोर रुख देखने को मिला. जापान का निक्केई 1.05 फीसदी और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स करीब 1 फीसदी टूट गया. चीन के शंघाई इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि शेनझेन मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ. दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.85 फीसदी चढ़ा.
एफआईआई-डीआईआई का आंकड़ा
16 जनवरी को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने भारतीय बाजार से 4,346 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,935 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला.
