करोड़पति भिखारी मांगीलाल : वो सिर्फ मांगने नहीं, जूलरी दुकान मालिकों से ब्याज वसूलने निकलता था
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शनिवार को भिक्षावृत्ति उन्मूलन के तहत चलाए अभियान के दौरान एक करोड़पति भिखारी का रेस्क्यू किया गया. इंदौर के सर्राफा क्षेत्र में भीख मांगते रेस्क्यू किए गए दिव्यांग भिखारी की दौलत के बारे में जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को पता चला तो वो दांतों तल उंगली दबाने को मजबूर हो गए, क्योंकि वर्षों से भीख मांगने वाला दिव्यांग भिखारी करोड़ों की संपत्ति का मालिक निकला.
लकड़ी की गाड़ी के जरिए घिसड़-घिसड़ कर चलने वाले मांगीलाल की दशा-दिशा देकर लोग बिना मांगे ही उसे पैसे देते हैं. उसकी हर दिन की कमाई 500-1000 रुपए है. भिखारी मांगीलाल रोजाना सर्राफा बाजार व्यापारियों को सूद पर दिए भीख से कमाए पैसों का ब्याज वसूलने जाता है.

भिखारी मांगीलाल की हकीकत जानकर चौंक गई रेस्क्यू टीम
रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर के सर्राफा क्षेत्र में वर्षों से भीख मांगने वाले भिखारी मांगीलाल का रेस्क्यू महिला और बाल विकास विभाग की टीम द्वारा चलाए गए भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के तहत किया गया. रेस्क्यू टीम के सामने जब भिखारी मांगीलाल की हकीकत सामने आई तो वो चौंक गई. सड़क पर घिसड़-घिसड़ कर भीख मांगने वाला मांगीलाल ब्याज पर पैसे बांटता है, वह 3 पक्के मकान और कार का मालिक निकला, जिसके लिए उसने ड्राइवर भी रखा हुआ है.
रेस्क्यू के बाद भिखारी की संपत्ति और काम-धंधे का खुलासा हुआ
गौरतलब है इंदौर को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है, जिसके लिए रेस्क्यू टीम गठित किए हैं. जब रेस्क्यू टीम सर्राफा बाजार क्षेत्र में पहुंची और भिक्षावृत्ति करने वाले मांगीलाल का रेस्क्यू किया, जब उसकी संपत्ति और काम-धंधे का खुलासा हुआ. पूछताछ में मांगीलाल ने बताया कि उसके पास शहर के अलग-अलग इलाकों में तीन पक्के मकान हैं.
हैरानी की बात यह है कि सहानुभूति के आधार पर सरकार से पीएम आवास पाने वाला करोड़पति भिखारी मांगीलाल साल 2022 से इंदौर के सर्राफा क्षेत्र में भीख मांगता आ रहा है. मांगीलाल कहता है कि वह किसी से जबरन भीख नहीं मांगता है, लोग उसे सहानुभूति में पैसे देते हैं.
मांगीलाल के पास तीन ऑटो है, जिसे उसने किराए पर दिया है
मांगीलाल के पास भगत सिंह नगर में 16 x 45 फीट का 3 मंजिला मकान, शिवनगर में 600 स्क्वायर फीट का पक्का मकान और अलवास में 10 x 20 फीट का एक BHK का मकान है. मांगीलाल के पास एक डिजाइनर कार है, जिसके लिए उसने बाकायदा एक ड्राइवर रखा हुआ है. यही नहीं, मांगीलाल के पास तीन ऑटो है, जिसे उसने किराए पर दिया हुआ है.
विकलांगता के आधार पर मिले मकान में मां-बाप के साथ रहता है
बताया जाता है कि भिखारी मांगीलाल का अलवास का मकान शासन द्वारा रेड क्रास की मदद से विकलांगता के आधार पर दिया गया था. मांगीलाल के परिवार में उसके माता-पिता और दो भाई भी है. मांगीलाल अपने माता-पिता के साथ अलवास वाले मकान में रहता है, जबकि उसके भाई अलग- अलग मकान में रहते हैं.
मांगीलाल के पास भगत सिंह नगर में 16 x 45 फीट का 3 मंजिला मकान, शिवनगर में 600 स्क्वायर फीट का पक्का मकान और अलवास में 10 x 20 फीट का एक BHK का मकान है. मांगीलाल के पास एक डिजाइनर कार है, जिसके लिए उसने बाकायदा एक ड्राइवर रखा हुआ है.
व्यापारियों को एक दिन और एक सप्ताह के ब्याज पर रुपए देता है
मांगीलाल ने पूछताछ में बताया कि उसने सर्राफा क्षेत्र में कई सर्राफा व्यापारियों को ब्याज पर पैसे दिए है और ब्याज पर दिए पैसों की वसूली के लिए वह सर्राफा क्षेत्र में आता है. मांगीलाल के मुताबिक वह सर्राफा बाजार में एक दिन और एक सप्ताह के ब्याज पर रुपए व्यापारियों को देता है, जिसका ब्याज लेने के लिए रोजाना वह सर्राफा क्षेत्र में जाता है.
