ट्रंप के ‘टैरिफ’ का कहर!, शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के डूबे 7 लाख करोड़
नईदिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसे बिल को मंजूरी दे दी है, जिसके तीत अमेरिका भारत पर रूसी तेल खरीदने पर 500 फीसदी का टैरिफ लगा सकता है. वैसे अभी तक इस बिल को संसद से मंजूरी नहीं मिली है. लेकिन माना जा रहा है कि इस बिल को अमेरिकी संसद का समर्थन मिल सकता है. अगर ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में भारत पर एक मोटा टैरिफ अमेरिकी सरकार की ओर से लग सकता है. इस डर की वजह से भारत के शेयर बाजार पूरी तरह से धराशाई हो गए हैं. जहां सेंसेक्स में 700 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिल रही है.
वहीं दूसरी ओर निफ्टी 250 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है. जानकारों की मानें तो आने वाले दिनों में शेयर बाजार में और गिरावट देखने को मिल चुकी है. खास बात तो ये है कि इस गिरावट की वजह से शेयर बाजार निवेशकों को गुरुवार के 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है. खास बात तो ये है कि इस हफ्ते में सेंसेक्स में 1,550 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है देश की बड़ी कंपनियों की बात करें तो टीसीएस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, इंफोसिस, भारती एयरटेल, एसबीआई आदि सभी में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर शेयर बाजार के आंकड़े किस तरह की कहानी बयां कर रहे हैं.
शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
ट्रंप के 500 फीसदी टैरिफ धमकी की वजह से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स कारोबारी सत्र के दौरान 753.69 अंकों की गिरावट देखने को मिली और 84,207.45 अंकों पर आ गया. खास बात तो ये है कि आज यानी गुरुवार को सेंसेक्स 84,778.02 अंकों पर ओपन हुआ था और एक दिन पहले सेंसेक्स 84,961.14 अंकों पर बंद हुआ था. खास बात तो ये है कि सेंसेक्स में ये लगातार चौथे दिन गिरावट देखने को मिल रही है और इस दौरान अब तक सेंसेक्स में 1551 अंकों की गिरावट देखने को मिल चुकी है.
वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक निफ्टी भी काफी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है. कारोबारी सत्र के दौरान निफ्टी में 256.6 अंकों की गिरावट देखने को मिली और 25,884.15 अंकों के साथ दिन के लोअर लेवल पर आ गया. वैसे सुबह निफ्टी 26,106.50 अंकों पर ओपन हुआ था और एक दिन पहले 26,140.75 अंकों पर बंद हुआ था. वैसे लगातार चार कारोबारी दिनों में गिरावट के बाद निफ्टी में 444.4 अंकों की गिरावट आ चुकी है.
शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण
एफआईआई की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 1,527.71 करोड़ रुपए के शेयर बेचे. 2 जनवरी को छोटे विराम के बाद यह लगातार तीसरा सत्र था, जब उन्होंने 289.80 करोड़ रुपए के मामूली शेयर खरीदे थे. 2025 में रिकॉर्ड निकासी के बाद, जनवरी में अब तक एफआईआई लगभग 5,760 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं.
वीकली एक्सपायरी: गुरुवार सेंसेक्स डेरिवेटिव्स की वीकली एक्सपायरी का दिन है. एक्सपायरी के दिनों में, व्यापारी अपनी पोजीशन को खतम होने या रोलओवर करते हैं, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ता है और बाजार में अस्थिरता बढ़ जाती है.
कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग लाल निशान में थे. अमेरिकी बाजार बुधवार को ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अभिषेक सराफ के नेतृत्व में विश्लेषकों ने रॉयटर्स को बताया कि जियो पॉलिटिकल और ग्लोबल ट्रेड ने शेयर बाजारों के लिए लॉन्गटर्म रिस्क से बचने की प्रवृत्ति की छाया डाल दी है.
कच्चे तेल की कीमतें: इंटरनेशनल क्रूड ऑयल मार्केट में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.4 प्रतिशत बढ़कर 60.20 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत के लिए नकारात्मक हैं क्योंकि देश अपनी अधिकांश तेल आवश्यकताओं का आयात करता है.
व्यापार समझौते को लेकर चिंताएं: निर्यात-उन्मुख कपड़ा और झींगा कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने द्विदलीय प्रतिबंध विधेयक को आगे बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जिसमें रूस के साथ व्यापार जारी रखने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक का भारी शुल्क लगाने का प्रस्ताव है. जिसकी वजह से शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है.
भारत में VIX में वृद्धि: निवेशकों के बीच उच्च अनिश्चितता को दर्शाते हुए, भारत में VIX लगभग 9 फीसदी बढ़कर 10.83 के स्तर पर पहुंच गया.
मेटल कंपनियों के शेयरों में बिकवाली: छह दिनों की तेजी के बाद मेटल कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट दर्ज की गई. तांबा, एल्युमीनियम, सोना और चांदी के शेयरों में हाल ही में भारी उछाल आया था, लेकिन बाद में इनमें गिरावट शुरू हो गई.
निवेशकों को मोटा नुकसान
शेयर बाजार में इस गिरावट की वजह से शेयर बाजार निवेशकों को मोटा नुकसान हुआ है. इस नुकसान का सीधा कनेक्शन बीएसई के मार्केट कैप से है. अगर आंकड़ों को देखें तो बुधवार को जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब बीएसई का मार्केट कैप 4,79,94,179.83 करोड़ रुपए था, जोकि गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान कम होकर 4,72,86,789.30 करोड़ रुपए पर आ गया. इसका मतलब है कि बीएसई के मार्केट कैप 7,07,390.53 करोड़ रुपए कम हो गया. यही निवेशकों का नुकसान है. आंकड़ों को देखें तो लगातार चार दिनों की गिरावट की वजह से निवेशकों को 8,37,990.05 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.
