‘पहले सामाजिक बहिष्कार फिर मकान पर चला बुलडोजर’, वोट नहीं देने पर दलित परिवार से सरपंच ने ऐसे लिया बदला !
बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में एक परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने के बाद उसके मकान को गिरा दिया गया है। आरोप है कि ऐसा सरपंच के कहने पर किया है। दरअसल, इसी साल राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुए थे। उस दौरान इस परिवार ने मौजूदा सरपंच को वोट नहीं दिया था जिसके कारण दोनों के बीच रंजिश थी। सरपंच के कहने पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।
25 सालों से यहीं रहता था परिवार
मामला, बेमेतरा की नवागढ़ तहसील के गाड़ामोड़ पंचायत के आश्रित ग्राम खपरी का है। पीड़ित परिवार सतनामी समुदाय से हैं। पीड़ित परिवार की सदस्य विजय लक्ष्मी मनहरे ने कहा, “हमारे परिवार में 10 लोग हैं। हम सभी लोग डर के साये में जी रहे हैं। 25 सालों से जहां हमारा घर बना था उसे सरपंच महाजन मनहरे के निर्देश पर तहसीलदार व स्थानीय थाना प्रभारी की मौजूदगी में गिरा दिया गया है।
पीड़ित परिवार ने कहा कि हमें सरपंच के आदेश को चुनौती देने का समय नहीं दिया गया। अब परिवार ने न्याय और मुआवजे की मांग करते हुए अनुविभागीय मजिस्ट्रेट, एसपी ऑफिस और तहसीलदार से शिकायत की है। पीड़ित परिवार ने कहा कि हमारी जमीन को सरपंच ने कथित तौर पर अवैध रूप से कब्जा दिखाकर बुलडोजर चलवा दिया।
हमारी शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई
पीड़िता ने कहा कि हमने पहले नवागढ़ तहसीलदार और पुलिस थाना प्रभारी को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। हमें सरपंच के निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। परिवार ने आरोप लगाया कि महाजन मनहरे पंचायत चुनाव के दौरान समर्थन नहीं देने के कारण उनसे गहरी रंजिश रखता था। उसने वोट नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी थी।
क्या कहा कलेक्टर ने
परिवार ने कहा कि उनके बच्चों को स्कूल में मिड डे मील योजना का लाभ भी नहीं मिलता है। इसके साथ ही गांव के बच्चों को हमारे बच्चों के साथ खेलने से मना कर दिया गया है। बेमेतरा कलेक्टर रणबीर शर्मा ने कहा कि ग्राम सभा को अपने अधिकार क्षेत्र में कानून के अनुसार अवैध अतिक्रमण हटाने का अधिकार है। कलेक्टर ने बताया, “मुझे इस घटना की जानकारी नहीं है। लेकिन अगर प्रभावित परिवार का सामाजिक बहिष्कार किया जाता है, तो हम कार्रवाई करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें सामाजिक कल्याण योजनाओं से वंचित न किया जाए।”
