छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी, 33 दिनों की हड़ताल के बाद सरकार का फैसला
रायपुर। नेशनल हेल्थ मिशन (National Health Mission) के कर्मचारियों की लंबी हड़ताल और 10 सूत्रीय मांगों के बाद आखिरकार सरकार ने उनके पक्ष में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य शासन ने 5% वेतन वृद्धि (Salary Hike) को मंजूरी दी।
इससे 16 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन 1500 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक बढ़ जाएगा। 33 दिनों से ठप पड़ीं स्वास्थ्य सेवाएं अब फिर से शुरू हो चुकी हैं। एनएचएम स्टाफ रविवार से ड्यूटी पर लौट आया है और सोमवार से बढ़े हुए वेतन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
सरकार पर 35 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
इस फैसले से राज्य सरकार पर 35 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। हालांकि, स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू करने और कर्मचारियों की नाराजगी दूर करने के लिए इसे आवश्यक माना जा रहा है। निचले क्रम के स्टाफ जैसे डेटा एंट्री ऑपरेटर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी सहायक (Nursing Staff, Data Entry Operators) को इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा लाभ होगा, क्योंकि इनकी संख्या अधिक है।
ग्रेड पे प्रणाली लागू करने की तैयारी
फिलहाल एनएचएम में ग्रेड पे (Grade Pay System) लागू नहीं है। इसकी वजह से वेतन संरचना में असमानता बनी हुई थी। कई उच्च पदों पर सैलरी एक लाख रुपये से अधिक है, जबकि डॉक्टर और अन्य मेडिकल स्टाफ को अपेक्षाकृत कम वेतन मिल रहा था। सरकार अब ग्रेड पे सिस्टम लागू कर रही है, जिससे सभी पदों का वेतन योग्यता और पदानुसार तय होगा। यह व्यवस्था लागू होने से लंबे समय से चली आ रही विसंगतियों को दूर किया जा सकेगा।
स्थानांतरण नीति पर भी काम शुरू
कर्मचारियों की एक प्रमुख मांग स्थानांतरण नीति (Transfer Policy) को लेकर भी थी। सरकार ने इसके लिए एक समिति का गठन कर दिया है, जो अगले दो से तीन महीनों में नीति तैयार करेगी। इसके लागू होने के बाद स्वास्थ्यकर्मी अपनी परिस्थितियों के अनुसार स्थानांतरण पा सकेंगे। बीमार या पारिवारिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए यह राहत भरी पहल होगी।
किस श्रेणी को कितना फायदा?
एनएचएम के मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर (Salary Structure) के अनुसार:
करीब 10 हजार कर्मचारी, जिनका वेतन 30 हजार रुपये है, उनका वेतन 1500 रुपये तक बढ़ेगा।
40 हजार सैलरी वालों का वेतन 2000 रुपये तक बढ़ेगा।
50 हजार सैलरी वालों को 2500 रुपये की बढ़ोतरी मिलेगी।
वहीं, 1 लाख रुपये तक सैलरी पाने वालों को 5000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
हड़ताल के बाद नई उम्मीदें
स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि यह फैसला उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है। 33 दिनों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में ठप स्वास्थ्य सुविधाएं अब फिर से सामान्य हो जाएंगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फैसला न केवल कर्मचारियों के लिए बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं (Healthcare in Chhattisgarh) को पटरी पर लाने में भी अहम साबित होगा।
